*पंजीकृत श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने के दिए निर्देश*
*निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें—श्री पाटले*
*सूरजपुर/10 अक्टूबर 2026/* शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा जल संरक्षण एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले ने जनपद पंचायत प्रेमनगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना अधिकारी विकसित भारत जी-राम-जी भी उपस्थित रहे। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया और कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत ब्रम्हपुर में गली प्लग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। तत्पश्चात ग्राम पंचायत केदारपुर में स्वीकृत बालिका शौचालय निर्माण तथा विभिन्न मिट्टी बांधों की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने बांधों से लाभान्वित किसानों से चर्चा कर सिंचाई सुविधा और कृषि उत्पादन के संबंध में भी जानकारी ली।
ग्राम पंचायत बकिरमा में संचालित कंटूर ट्रेंच कार्य का निरीक्षण करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का क्रियान्वयन प्राथमिकता के साथ करें ताकि ग्रामीणों और किसानों को उनका समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिल पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत कार्यालय प्रेमनगर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा विभिन्न शाखाओं में नस्तियों का व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों-कर्मचारियों की आधार आधारित उपस्थिति की जानकारी लेते करते हुए समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने और दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने जनपद सीईओ एवं कार्यक्रम अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगारोन्मुखी कार्यों की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को नियमानुसार नियमित कार्य उपलब्ध कराएं जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ें और शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सके।



