दिवाली पर भोज के आयोजन की सलाह को लेकर साधा निशाना, शक्कर और गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी उठाए सवाल
राजधानी रिपोर्टर | सौरभ साहू की विशेष रिपोर्ट
लोकेशन: सूरजपुर, छत्तीसगढ़।
सूरजपुर, दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच वोट चोरी अभियान के तहत सूरजपुर पहुंचीं कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता लैतफलांग ने भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के बयान पर निशाना साधा। दिवाली के अवसर पर भाजपा विधायकों को पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ भोज आयोजित कर मेल-मिलाप बढ़ाने की सलाह दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए लैतफलांग ने कहा कि स्मृति ईरानी को भी यह मालूम है कि भाजपा के विधायकों और कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बनी हुई है, जिसे कम करने की जरूरत महसूस की जा रही है। उन्होंने इस मुद्दे को भाजपा के संगठनात्मक तालमेल से जोड़ते हुए कांग्रेस की एकजुटता का भी उल्लेख किया। वहीं, महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने शक्कर और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर सवाल उठाए।
*भाजपा के भोज आयोजन संबंधी बयान पर कांग्रेस का पलटवार*
दिवाली जैसे त्योहार पर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ मेल-मिलाप बढ़ाने के लिए भोज आयोजित करने की सलाह को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के इस कथित निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सह प्रभारी जरिता लैतफलांग ने तंज कसा।
उन्होंने कहा कि चलिए, स्मृति ईरानी जी को तो यह मालूम है कि भाजपा के विधायकों और कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बनी हुई है, जिसे दूर करने की जरूरत है। लैतफलांग की इस टिप्पणी को भाजपा के संगठनात्मक संबंधों पर कांग्रेस के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है। दिवाली का त्योहार सामाजिक मेल-मिलाप, आपसी सद्भाव और संबंधों को मजबूत करने का अवसर माना जाता है। ऐसे में राजनीतिक दलों की ओर से कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ संवाद बढ़ाने के प्रयासों को संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, इस आयोजन की सलाह को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सवाल उठाए हैं और इसे संगठन के भीतर दूरी से जोड़कर पेश किया है।
“ *कांग्रेस एक परिवार है”, एकजुटता का किया दावा*
भाजपा के बयान पर प्रतिक्रिया देने के साथ ही जरिता लैतफलांग ने कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस एक परिवार है और पार्टी के सभी लोग मिलकर, एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उनके इस बयान के जरिए कांग्रेस ने पार्टी के भीतर एकता और सामूहिक रूप से काम करने की बात सामने रखी। राजनीतिक गतिविधियों के बीच संगठनात्मक एकजुटता का मुद्दा दोनों दलों के बीच बयानबाजी का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। लैतफलांग की टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब दिवाली के अवसर पर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं हो रही हैं। भाजपा की ओर से जहां भोज और मेल-मिलाप के माध्यम से जुड़ाव मजबूत करने की बात कही गई, वहीं कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर भाजपा पर तंज कसा।
*महंगाई पर भी भाजपा को घेरा, शक्कर और सिलेंडर की कीमतों पर सवाल*
कांग्रेस सह प्रभारी जरिता लैतफलांग ने महंगाई के मुद्दे पर भी भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने शक्कर और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि आम जनता को ये चीजें सस्ती कब मिलेंगी। महंगाई आम परिवारों के घरेलू बजट से जुड़ा विषय है। खाद्य पदार्थों और रसोई गैस की कीमतों में बदलाव का असर लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ता है। ऐसे में लैतफलांग ने इन वस्तुओं की कीमतों को लेकर सवाल उठाकर आम जनता से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक चर्चा में शामिल किया। उनके बयान में एक ओर भाजपा के संगठनात्मक तालमेल पर तंज दिखाई दिया, तो दूसरी ओर महंगाई को लेकर सरकार से जवाब मांगने की बात सामने आई। कांग्रेस ने इन दोनों मुद्दों के जरिए भाजपा की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर सवाल उठाने की कोशिश की।
*सूरजपुर दौरे के दौरान राजनीतिक बयानबाजी तेज*
वोट चोरी अभियान के तहत सूरजपुर पहुंचीं जरिता लैतफलांग की इस प्रतिक्रिया ने जिले में राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दिया है। दिवाली पर भोज के आयोजन की सलाह, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सवाल उठाए हैं। अब इस बयान पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, सूरजपुर में दिए गए लैतफलांग के बयान में संगठनात्मक एकजुटता और आम जनता से जुड़े आर्थिक मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं।



