प्रदेश सरकार के द्वारा 9 अगस्त को मनाये जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस के अघोषित बहिष्कार एवं उपेक्षा के विरोध में आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के 15 आदिवासी समुदाय बहुल जिलों में कांग्रेस ने प्रेसवार्ता किया है। 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समुदाय बहुल छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार की ओर से कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये गए। भारत की राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री जो स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं उनके द्वारा कोई भी बधाई संदेश तक जारी नहीं किया गया। प्रदेश कांग्रेस ने इसे देश और प्रदेश के आदिवासी समुदाय की घोर उपेक्षा मानते हुए इसे भाजपा के द्वारा सर्व आदिवासी समाज के अघोषित बहिष्कार के तुल्य माना है। राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डॉ प्रेमसाय सिंह ने कहा कि संघ परिवार और भाजपा हमें आदिवासी के रूप में स्वीकार ही नहीं करती, वो तो हमें वनवासी कहती है, जबकि आजादी के बाद कांग्रेस की कल्याणकारी नीतियों के परिणामस्वरूप आज आदिवासी समाज के लोग शिक्षित हो देश के विकास में अन्य समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहित बड़ी संख्या में आदिवासी मंत्री और विधायक इस सरकार में मौजूद हैं, लेकिन ये सभी आदिवासी दिवस पर अपने समुदाय की उपेक्षा पर चुप है, वे किसके दबाव में हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए।उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के महान विरासत को भाजपा चौक चौराहे पर मूर्तियों में कैद कर आदिवासियों के वोटबैंक के लिए टोकनिज्म की राजनीति करती है। एक ओर भाजपा हमे वनवासी कहती है वहीं पूरे प्रदेश में हमारे वन के साथ ही कृषि भूमि को अपने खास उद्योगपति को परोस हमें संसाधन विहीन कर रही है।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग की 14 सीटों सहित बस्तर, कोरबा जैसे जिलों से प्राप्त आदिवासी समुदाय के समर्थन से उन्होंने यह सरकार बनाई है। 2023 के पहले हरेक विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई देने वाली भाजपा आदिवासी समाज के समर्थन से सरकार बनाने के बाद वैचारिक रूप से इतनी दरिद्र हो गई है कि उसने प्रदेश के 32 प्रतिशत की बड़ी आबादी वाले सर्व आदिवासी समाज के लिए एक सार्वजनिक आयोजन करना तो दूर एक बधाई संदेश भी जारी करना उचित नहीं समझा। उन्होंने भाजपा द्वारा आदिवासियों को वनवासी कहने की निंदा की है।
आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनिल पैकरा ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री के होते हुए भी आदिवासी दिवस की उपेक्षा संघ परिवार के दबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देश प्रदेश में भाजपा की सरकार आदिवासियों के आरक्षण के हित को भी समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रेसवार्ता के दौरान मो इस्लाम, इंद्रजीत सिंह धंजल, राशिद अहमद, लोकेश कुमार, जमील खान, आलोक सिंह, गुरुप्रीत सिद्धू, नरेंद्र विश्वकर्मा, दिनेश शर्मा, चंद्रप्रकाश सिंह, सोहन जायसवाल, रजनीश सिंह, अमित सिंह मौजूद रहे।



