प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच हुई खुली बहस ने प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि गरीबों के आवास जैसे संवेदनशील विषय पर केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि दस्तावेज, आंकड़े और जमीन पर हुए काम ही सबसे बड़ा प्रमाण हैं।
भाजपा सहप्रभारी सोशल मीडिया अल्पसंख्यक मोर्चा छत्तीसगढ़ आशीष जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना किसी राजनीतिक दल के लिए प्रचार का विषय नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और पक्की छत से जुड़ा सवाल है। इसलिए इस योजना पर होने वाली हर चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज की बहस में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट रूप से वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 11 लाख 75 हजार आवास पूर्ण होने, लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने तथा 3 लाख 65 हजार नए आवासों की स्वीकृति की जानकारी सामने रखी।
आशीष जैन ने कहा कि यह भी उल्लेखनीय है कि मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री आवास को प्राथमिकता देने की बात लगातार कही है। बहस से पहले भी विजय शर्मा द्वारा पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों से संबंधित निर्णय का उल्लेख किया गया था।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल और पूर्व वर्षों के आंकड़े सामने रखे हैं। इसलिए जनता के सामने सही तस्वीर रखने के लिए यह जरूरी है कि किस वर्ष कितने आवास स्वीकृत हुए, कितने पूर्ण हुए और किस सरकार के कार्यकाल में कितने आवास वास्तव में पूरे हुए, इसका वर्षवार और सरकारवार विवरण सार्वजनिक रूप से देखा जाए।
आशीष जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन पंचायत मंत्री टी.एस. सिंहदेव के साथ मतभेद और उनके विभाग छोड़ने का मुद्दा भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में उस समय पीएम आवास के लिए राज्य की ओर से राशि उपलब्ध कराने को लेकर मतभेद का उल्लेख किया गया था।
उन्होंने कहा—
“गरीब के सिर पर पक्की छत किसी राजनीतिक बहस की जीत नहीं, बल्कि उस परिवार के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसलिए प्रधानमंत्री आवास योजना पर राजनीति से ऊपर उठकर आंकड़ों की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। आज की खुली बहस ने कम से कम इतना स्पष्ट कर दिया है कि इस विषय पर सवाल भी सार्वजनिक होंगे और जवाब भी सार्वजनिक होंगे।”
आशीष जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को किसी के आरोप या प्रत्यारोप के आधार पर नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड, स्वीकृति, निर्माण और पूर्णता के प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर निष्कर्ष निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का अंतिम उद्देश्य यही है कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार कच्चे और असुरक्षित मकान में रहने के लिए मजबूर न हो और उसे सम्मान के साथ पक्का आवास मिले।
आशीष जैन
भाजपा सहप्रभारी सोशल मीडिया, अल्पसंख्यक मोर्चा छत्तीसगढ़ प्रभार जिला कोंडागांव बस्तर



