अंबिकापुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला गांधीनगर की प्रधान पाठक रेखा रॉय को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 5 सितंबर को राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में महामहिम राज्यपाल द्वारा उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

रेखा रॉय विगत 21 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपनी सेवाएं दे रही हैं। बच्चों के शैक्षणिक गुणवत्ता विकास, बुनियादी साक्षरता तथा शिक्षा को सरल एवं मनोरंजक बनाने के लिए उनके द्वारा किए गए विभिन्न नवाचारों और प्रयासों को देखते हुए उनका चयन राज्यपाल पुरस्कार के लिए किया गया।
रेखा रॉय द्वारा विद्यालय में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। वे स्वयं के व्यय से बच्चों के लिए सहायक शिक्षण सामग्री तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शैक्षणिक कंटेंट भी विकसित करती हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर से जुड़कर वे कई वर्षों से शैक्षणिक गुणवत्ता विकास के क्षेत्र में भी कार्य कर रही हैं।
स्मार्ट क्लास से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
विद्यालय की दर्ज संख्या बढ़ाने और विद्यालय के भौतिक विकास के लिए भी रेखा रॉय ने समुदाय एवं समाज को जोड़कर लगातार प्रयास किए हैं। अपने प्रयास एवं स्वयं के व्यय से विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था कर उन्होंने बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी उनका विशेष जोर रहा है। विद्यालय में योग, कला, संस्कृति और संस्कार से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास का प्रयास किया जाता है।
जरूरतमंद बच्चों के लिए वेतन का हिस्सा करती हैं खर्च
रेखा रॉय के कार्यों का एक महत्वपूर्ण पहलू जरूरतमंद एवं अनाथ बच्चों के प्रति उनकी संवेदनशीलता भी है। वर्तमान विद्यालय में अध्ययनरत घूमंतू आश्रम के अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वे अपने वेतन का लगभग 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा प्रतिमाह बच्चों एवं विद्यालय की आवश्यकताओं पर खर्च करती हैं।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए रेखा रॉय को पूर्व में भी राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर अनेक पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। गत वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें सरगुजा कलेक्टर द्वारा भी सम्मानित किया गया था।
शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे नवाचार, बच्चों के प्रति समर्पण और विद्यालय विकास में योगदान के सम्मानस्वरूप अब उन्हें ‘राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका’ के रूप में नई पहचान मिली है। उनके इस सम्मान से विद्यालय परिवार एवं सरगुजा जिले के शिक्षक समुदाय में हर्ष का माहौल है।



