मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मुख्य आतिथ्य में स्टेडियम ग्राउंड में सजा विजयादशमी का उत्सव, आकर्षक झांकियों, रामलीला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन,,
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट,,,
लोकेशन, सूरजपुर छत्तीसगढ़।।
सूरजपुर,/ दिनांक 20 अक्टूबर 2026 ॥ यतो धर्मस्ततो जयः ॥
अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर सूरजपुर के स्टेडियम ग्राउंड में भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। सूरजपुर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में रावण दहन, आकर्षक झांकियों, रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आतिशबाजी ने उत्सव को यादगार बनाया। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी के संगम से पूरा आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर विधायक भूलन सिंह मरावी, सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, जनपद अध्यक्ष स्वाति संत सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता भीमसेन अग्रवाल, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष रामकृष्ण ओझा, नगरपालिका अध्यक्ष कुसुमलता सुरेंद्र राजवाड़े, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी और नगरपालिका उपाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
*रावण दहन बना मुख्य आकर्षण, गूंजा सत्य और धर्म की विजय का संदेश*
दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण रावण दहन रहा। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग के माध्यम से अधर्म पर धर्म तथा असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया। रावण दहन ने लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग कर सत्य, सदाचार एवं न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
*झांकियों, रामलीला और आतिशबाजी से जीवंत हुई सांस्कृतिक परंपरा*
आयोजन में आकर्षक झांकियों और रामलीला के माध्यम से भारतीय संस्कृति तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों की झलक देखने को मिली। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का रंग भरा, वहीं आतिशबाजी ने दशहरा उत्सव की रौनक बढ़ाई। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने इस आयोजन में सहभागिता कर पर्व की खुशियां साझा कीं।
*जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सामाजिक एकता का संदेश*
सूरजपुर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों के जुड़ाव को प्रदर्शित किया। विजयादशमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति ही वास्तविक विजय प्राप्त करता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर समाज में सद्भाव, न्याय, सेवा और भाईचारे की भावना को मजबूत करना ही इस पर्व की वास्तविक सार्थकता है। सूरजपुर का भव्य दशहरा उत्सव इसी संदेश के साथ संपन्न हुआ।



