अंबिकापुर के कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में जुटे दिग्गज, भूपेश–सिंहदेव की मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक दिलचस्पी,,,
संवाददाता, सौरभ साहू
दिनांक,18/09/2026,
लोकेशन, अम्बिकापुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़।।
अंबिकापुर। सरगुजा की सियासत में इन दिनों कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं की मुलाकातें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अंबिकापुर में आयोजित कांग्रेस के तीन दिवसीय संभागीय प्रशिक्षण शिविर में छह जिलों के 49 ब्लॉक अध्यक्ष और 12 मास्टर ट्रेनर शामिल हुए। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की। बाद के सत्रों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। लेकिन अंबिकापुर में राजनीतिक चर्चा का केंद्र केवल प्रशिक्षण शिविर नहीं रहा।
*भूपेश बघेल के पहुंचते ही बढ़ी राजनीतिक हलचल*
अंबिकापुर को लंबे समय से टी.एस. सिंहदेव के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में देखा जाता है। ऐसे में जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यहां पहुंचे और उसके बाद सिंहदेव से उनकी मुलाकात हुई, तो कांग्रेस के भीतर दोनों वरिष्ठ नेताओं के संबंधों और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। 17 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशिक्षण शिविर के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। सिंहदेव ने बघेल को अपने निवास पर कॉफी के लिए आमंत्रित किया और बाद में बघेल उनके निवास पहुंचे। दोनों नेताओं की इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं शुरू हुईं।
‘ *डबल डी’ कौन? सवाल ने पकड़ा जोर*
इसी घटनाक्रम के बीच राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सरगुजा कांग्रेस में भूपेश बघेल की पहुंच और संवाद का दायरा बढ़ रहा है?
आपके द्वारा उठाया गया ‘डबल डी’ वाला सवाल फिलहाल राजनीतिक चर्चा और अटकल के स्तर पर है। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में किसी व्यक्ति को आधिकारिक तौर पर ‘भूपेश बघेल का डबल डी’ नहीं बताया गया है। इसलिए इस नाम को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय इसे सरगुजा के राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चा के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा।
*खाने और नाश्ते की चर्चाओं से ज्यादा महत्वपूर्ण क्या?*
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि भूपेश बघेल की स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बढ़ती मुलाकातें क्या कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा हैं या फिर यह वरिष्ठ नेताओं के बीच सामान्य राजनीतिक संवाद है।
*फिलहाल उपलब्ध जानकारी से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।* हालांकि, एक बात स्पष्ट है—सरगुजा में कांग्रेस संगठन को सक्रिय करने के लिए बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ है और पार्टी के कई प्रमुख चेहरे एक साथ नजर आए हैं। कार्यक्रम का घोषित उद्देश्य संगठन को ब्लॉक से बूथ स्तर तक मजबूत करना है।
*सरगुजा से क्या संदेश निकलेगा?*
कांग्रेस के लिए सरगुजा संभाग संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में एक ही कार्यक्रम में दीपक बैज, चरणदास महंत, टी.एस. सिंहदेव और भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी निश्चित रूप से राजनीतिक चर्चा का विषय बनी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि अंबिकापुर के इस प्रशिक्षण शिविर के बाद कांग्रेस संगठन जमीनी स्तर पर कितना सक्रिय होता है और वरिष्ठ नेताओं के बीच दिखाई दे रही यह संवाद की प्रक्रिया आगे किस रूप में सामने आती है।। *फिलहाल ‘डबल डी’ कौन है,* यह सवाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय जरूर है, लेकिन इसका कोई आधिकारिक उत्तर सामने नहीं आया है।।



