अंबिकापुर/प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित चैतन्य देवियों की भव्य झांकी का दशहरे के दिन समापन हुआ। अंतिम दिन पूर्व खाद्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन अमरजीत भगत अपनी धर्मपत्नी कौशल्या भगत, सुपुत्र एवं सूरजपुर में पदस्थ मजिस्ट्रेट आशीष भगत तथा पुत्रवधू रुचि मिश्रा (मजिस्ट्रेट) के साथ उपस्थित रहे।
*पूर्व मंत्री अमरजीत भगत* ने कहा कि नवरात्रि तपस्या और माता रानी की आराधना का पर्व है। हम हर वर्ष रावण का वध करते हैं। लेकिन इसके बावजूद हमारे भीतर बुराइयां बनी रहती हैं। इसलिए अब समय है कि बुराइयों को जड़ से समाप्त कर समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि मां महामाया की नगरी में निवास करना हम सभी का सौभाग्य है। जहां विभिन्न समाजों के बीच आपसी प्रेम और सद्भाव की परंपरा बनी हुई है। उन्होंने प्रतिवर्ष चैतन्य देवियों की झांकी के आयोजन और आध्यात्मिक संदेश देने के लिए ब्रह्माकुमारी बहनों की सराहना की।
*बी.के. विद्या दीदी* ने कहा कि जिस प्रकार हमें अपने भीतर देवी शक्तियों का आह्वान करना है। उसी प्रकार रावण का अंत भी अपने अंदर से करना होगा। काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकार ही हमारे मन को अशांत और दुखी करते हैं। जब हम अपने भीतर की दिव्य शक्तियों को जागृत कर इन विकारों पर विजय प्राप्त करेंगे। तभी सच्चे रामराज्य की स्थापना संभव होगी। उन्होंने सभी को दशहरे की शुभकामनाएं दीं।
*मजिस्ट्रेट आशीष भगत* ने कहा कि समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। बच्चों को सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। ऐसे में बच्चों को सही दिशा देना हम सभी बड़ों का कर्तव्य है।क्योंकि आज के बच्चों का सही मार्गदर्शन ही बेहतर भविष्य का आधार है।
*आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी* ने कहा कि हमें किसी बाहरी व्यक्ति का नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे आसुरी गुणों का वध करना है। उन्होंने शुद्ध एवं सात्त्विक भोजन अपनाने, मांसाहार से दूर रहने और नशामुक्त जीवन जीने की प्रेरणा देते हुए उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा भी कराई। वहीं मंडल अध्यक्ष *मनोज कंसारी* ने भी सभी को दशहरे की शुभकामनाएं
दी।कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रेखा बहन द्वारा प्रस्तुत सुंदर रामायण भजन ने सभी को भावविभोर कर दिया। मन्नत, अन्वी एवं आरती ने राम, लक्ष्मण और सीता के स्वरूप में मनमोहक प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चैतन्य देवियों के दर्शन कर आध्यात्मिक लाभ लिया। पूरे आयोजन में भक्ति, आध्यात्मिकता और सदाचार का संदेश दिया गया।



