### करीब पांच महीने से भुगतान लंबित होने का आरोप, कर्मचारी संघ ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन; रायपुर में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की चेतावनी
**राजधानी रिपोर्टर / सौरभ साहू की विशेष रिपोर्ट**
**स्थान: सूरजपुर, छत्तीसगढ़ | दिनांक: 19 अक्टूबर 2026**
**सूरजपुर/रायपुर।** छत्तीसगढ़ की 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा में पूर्व में कार्यरत कर्मचारियों ने बकाया वेतन और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं होने पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश 108-102 कर्मचारी संघ (संबद्ध—भारतीय मजदूर संघ) ने इस संबंध में जय अंबे इमरजेंसी सर्विस के प्रबंध निदेशक एवं निदेशक को ज्ञापन सौंपकर लंबित राशि का भुगतान करने की मांग की है। संघ का आरोप है कि अप्रैल 2026 में सेवा संचालन नई कंपनी को सौंपे जाने के बाद भी पूर्व कर्मचारियों का फाइनल सेटलमेंट नहीं किया गया है।
संघ के मुताबिक, भुगतान के लिए कर्मचारियों ने 5 अप्रैल, 5 मई, 7 जून और 20 जुलाई 2026 को कंपनी के अधिकारियों एवं प्रबंधन से संपर्क किया। इस दौरान जल्द भुगतान का आश्वासन मिलने की बात कही गई, लेकिन अब तक राशि का निपटारा नहीं हुआ है। संघ का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
ज्ञापन में संघ ने श्रम कानूनों के तहत कर्मचारियों के लंबित भुगतान का शीघ्र निपटारा करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं होने पर रायपुर के तेलीबांधा एटीएम चौक स्थित ग्लोबल टावर, अवंती विहार क्षेत्र में कंपनी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, श्रम मंत्री सहित संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
**अब सवाल यह है कि लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को उनका बकाया कब मिलेगा?** एंबुलेंस जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवा में काम कर चुके कर्मचारियों के भुगतान संबंधी विवाद का समयबद्ध समाधान जरूरी है। हालांकि, कंपनी प्रबंधन का पक्ष और भुगतान लंबित रहने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना अभी बाकी है।
**महत्वपूर्ण:** संघ के ज्ञापन में आंदोलन की समयसीमा 23 अगस्त 2026 दी गई है, जो समाचार की तारीख 19 अक्टूबर 2026 से पहले बीत चुकी है। प्रकाशन से पहले यह पुष्टि करना जरूरी है कि आंदोलन हुआ था, स्थगित हुआ या संघ ने नई तारीख घोषित की है। इसी तरह, 48 घंटे में वेतन और ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी कानूनी दावे को प्रकाशित करने से पहले लागू कानून और उसकी प्रासंगिक धाराओं की पुष्टि की जानी चाहिए।
— **सौरभ साहू, राजधानी रिपोर्टर**



