*भाजपा का कमिशनराज, 2 साल में बीमा प्रीमियम 28 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन दलाली 173 फीसदी, लोन पॉलिसी कमीशन में नौ गुना वृद्धि?*
रायपुर/26 सितंबर 2026। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण, (आईआरडीएआई) की रिपोर्ट में उजागर कमीशन के खेल को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि विगत दो साल के बीच नया प्रीमियम केवल 28 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन दलाली 173 प्रतिशत बढ़ गई, केवल यही नहीं लोन के साथ बिकने वाली ग्रुप क्रेडिट लाइफ प्रोडक्ट पर कमीशन महज़ दो साल में 5 प्रतिशत से नौ गुना बढ़कर सीधे 45 प्रतिशत? यह बीमा का सुधार नहीं, आम जनता की जेब पर खुलेआम डकैती है। ट्रैक्टर, कृषि लोन या होम लोन लेते समय जबरन ग्रुप क्रेडिट लाइफ प्रोडक्ट प्रीमियम वसूला जा रहा है, जिसका 45 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ दलाली में चला जाता है। जनरल इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस की दरें इतनी महंगी कर दी गई हैं कि आम नागरिक अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमा किस्तों में गंवा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार सबका साथ, सबका विकास और वित्तीय सुरक्षा का ढोल पीटती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकार के संरक्षण में बीमा कंपनियां और बैंक मिलकर आम उपभोक्ता को लूट रहे हैं। IRDAI के कंसल्टेशन पेपर से हुए खुलासे से स्पष्ट है कि बीमा कंपनियों के अप्रत्याशित कमीशन से आम जनता पर वित्तीय बोझ कई गुना बढ़ा गया है, यह सब कुछ भाजपा सरकार के संरक्षण में हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि हम पूछना चाहते हैं कि यह मोदी की गारंटी है या केवल दलालों के अनाप शनाप मुनाफे की गारंटी? मध्यमवर्गीय परिवार, किसान, युवा और व्यापारी और एजुकेशन लोन लेने वाले तमाम छात्रों को बीमा कंपनियों और बैंकों के संगठित सिंडिकेट द्वारा लूटा जा रहा है। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों की पोल खुल गई है। जब छत्तीसगढ़ का युवा या किसान लोन लेने जाता है, तो उसे जबरन 45 प्रतिशत दलाली वाली बीमा पॉलिसी थोपी जा रही है, लेकिन सरकार मौन है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा राज में जनता की जेब से पैसा निकालकर इंश्योरेंस दलालों और बैंकों के कॉर्पोरेट कमीशन एजेंटों को दिया जा रहा है। दलाली में अप्रत्याशित वृद्धि की अनुमति क्यों दी गई? सबसे बड़ा घोटाला बैंकश्योरेंस (बैंकों द्वारा बेची जा रही पॉलिसी) और लोन के साथ जबरन थमाए जा रहे ग्रुप क्रेडिट लाइफ प्रोडक्ट्स में है। यह जनता के लिए ईज ऑफ डूइंग नहीं ईज ऑफ लुटिंग है। अत्यधिक कमीशन वाली पॉलिसियों पर केंद्र और राज्य की वित्त एजेंसियां खामोश क्यों हैं? क्या भाजपा सरकार यह स्वीकार करेगी कि बीमा क्षेत्र में ‘सुधार’ के नाम पर आम नागरिक की गाढ़ी कमाई कॉर्पोरेट दलालों के खाते में ट्रांसफर की जा रही है?
सुरेंद्र वर्मा
मुख्य प्रवक्ता
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
मोबाइल 9826274000



