अंबिकापुर/ महिला की लज्जा भंग करने के बाद पत्नी संग मिलकर ढाया था कहर, चोट के निशान और वायरल फोटो ने खोली पोलअंबिकापुर (सरगुजा): खुद को कानून का ज्ञाता बताने वाले और दूसरों को अदालत में न्याय का पाठ पढ़ाने वाले एक रसूखदार अधिवक्ता (वकील) का ऐसा घिनौना चेहरा सामने आया है जिसे देखकर पूरा शहर थू-थू कर रहा है।

भट्ठी रोड, माइकल गली (केदारपुर) के इस मामले में अधिवक्ता अजय सिंह भामरा और उनकी पत्नी पूनम भामरा के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 0651/2026 दर्ज किया है। इस वीभत्स मामले में न्याय न मिलने पर पीड़ित पक्ष ने सीधे सरगुजा संभाग के आईजी (IG) कार्यालय में लिखित शिकायत देकर आरोपियों को तुरंत जेल भेजने की गुहार लगाई है।📸 साक्ष्य नंबर 1: बीच सड़क पर दादागिरी करते कैमरे में कैद ‘अधिवक्ता’सोशल मीडिया पर वायरल हुई पहली तस्वीर ने आरोपी अधिवक्ता के रसूख और अहंकार की धज्जियां उड़ा दी हैं।

इस तस्वीर में साफ दिख रहा है कि सफेद शर्ट और शॉर्ट्स पहने आरोपी अधिवक्ता अजय सिंह भामरा बीच गली में खड़ा होकर पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने और विवाद करने की आक्रामक मुद्रा में है। एक वकील जैसी गरिमापूर्ण पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति की यह ‘गुंडा छाप’ शारीरिक भाषा साफ बयां करती है कि वह किस कदर कानून को अपनी जेब में लेकर घूम रहा था।📸 साक्ष्य नंबर 2: सरेराह बर्बरता की गवाही दे रहा पीड़ित का ‘जख्मी हाथ’पीड़ित पक्ष द्वारा जारी की गई दूसरी तस्वीर आरोपियों की क्रूरता का सबसे बड़ा और पुख्ता कानूनी सबूत है। इस तस्वीर में पीड़ित के हाथ (फोरआर्म) पर गहरे लाल रंग के गंभीर चोट के निशान (Bruise Marks) साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। यह लाल धब्बा चीख-चीख कर गवाही दे रहा है कि आरोपी अधिवक्ता ने किस बेरहमी से महिला का हाथ मरोड़ा था और दोनों पति-पत्नी ने मिलकर उस पर शारीरिक बल प्रयोग किया था। यह अकाट्य सबूत आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना) के तहत जेल भेजने के लिए पर्याप्त है।🚨 घिनौनी नीयत से सरेराह किया दैहिक शोषण का प्रयासआईजी दफ्तर में दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब पीड़ित पक्ष अपने मायके में बन रहे मकान के प्लास्टर का काम देखने गया था। तभी अपनी हदों को पार करते हुए अधिवक्ता अजय सिंह भामरा ने जानबूझकर अश्लील शब्दों का प्रयोग किया और महिला की अस्मत पर हाथ डाल दिया:लज्जा भंग करने का प्रयास: अधिवक्ता ने महिला का हाथ पकड़ा और उसके शरीर के अन्य हिस्सों को अत्यंत गलत व आपत्तिजनक नीयत से छुआ।पत्नी संग मिलकर किया खूनी हमला: जब इस बदतमीजी का कड़ा विरोध किया गया, तो अधिवक्ता ने महिला का हाथ मरोड़ दिया और तभी उसकी पत्नी पूनम भामरा भी वहाँ आ धमकी। दोनों ने मिलकर निहत्थे पीड़ित परिवार को सरेराह मां-बहन की गंदी गालियां दीं और लात-घूंसों से जमकर पीटा।⚖️ ‘वकील’ होने का रौब, CCTV फुटेज मिटाने की रची जा रही साजिश!पीड़ित परिवार ने सीधे आईजी को बताया है कि आरोपी अजय सिंह भामरा अपने अधिवक्ता (वकील) होने का लगातार धौंस जमा रहा है। वह पीड़ित परिवार को डरा-धमका रहा है ताकि वे केस वापस ले लें। इतना ही नहीं, पूरी वारदात आरोपी के घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड है। कानून का जानकार होने के नाते आरोपी शातिर तरीके से उस डिजिटल सबूत (डीवीआर) को नष्ट या डिलीट करने की फिराक में है।📋 इन गैर-जमानती व संगीन धाराओं में दर्ज है मामला:BNS धारा 74: महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला/छेड़छाड़BNS धारा 115(2): जानबूझकर शारीरिक चोट पहुँचाना व मारपीटBNS धारा 296: सार्वजनिक स्थान पर अश्लील गालियां देनाBNS धारा 351(3): जान से मारने की गंभीर धमकी देनाBNS धारा 3(5): मिलकर किसी अपराध को अंजाम देनाजनता की मांग: शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने SP और IG सरगुजा से मांग की है कि ऐसे रसूखदार और समाज के नाम पर कलंक बने अधिवक्ता को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और बार काउंसिल से उसका वकालत का लाइसेंस भी हमेशा के लिए निरस्त किया जाए।



