:- थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा मामले में आरोपियों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही।
:- आरोपियों द्वारा मृतक के स्थान पर अन्य व्यक्ति कों प्रस्तुत कर उसकी झूठी पहचान स्थापित करते हुए कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रथम विक्रय विलेख का कराया गया था संपादन।
:- पुलिस टीम द्वारा आरोपी से रजिस्ट्री में लेख कराया गया चेक, चेकबुक व रियल कम्पनी का मोबाइल किया गया जप्त।
:- प्रकरण में अन्य आरोपियों की गिरफ़्तारी शेष हैं, फरार आरोपियों कों शीघ्र गिरफ़्तार कर लिया जायगा।
⏩ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि आवेदक आलोक दुबे के द्वारा पेश लिखित शिकायत की जांच दौरान संकलित दस्तावेजों का अवलोकन से ज्ञात हुआ कि घुटरापारा अम्बिकापुर मौजा का नाम मायापुर पटवारी हल्का नंबर 14 रा.नि.म. अम्बिकापुर स्थित भूमि खसरा न. 356.2 रकबा 0.065 है. भूमि खसरा विवरण अनुसार मोहर साय पिता ओलो निवासी नवागढ़ के नाम पर दर्ज था, भूमि स्वामी मोहर साय की मृत्यु राजस्व रिकार्ड के मुताबिक वर्ष 1962 में हो गया है। जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य परिलक्षित हुआ कि घुटरापारा स्थित खसरा क्रमांक 356.2, रकबा 0.065 हेक्टेयर भूमि, जो मृतक नोहरसाय रजवाडे पिता भोला रजवार के नाम पर दर्ज था के संबंध में मृतक के स्थान पर अन्य व्यक्ति कों मोहरसाय रजवाड़े के रूप में प्रस्तुत कर उसकी झूठी पहचान स्थापित करते हुए कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रथम विक्रय विलेख का संपादन दिनांक 25.09.2025 को कराया गया है। उक्त विक्रय विलेख में रामनिवास गुप्ता एवं एक अन्य महिला आरोपी क्रेता हैं। जांच के दौरान रामनिवास गुप्ता द्वारा कथन दिया गया कि उक्त भूमि का सौदा बंटी पटेल उर्फ वर्षित पटेल द्वारा कराया गया था तथा विक्रय विलेख में अंकित चेक नंबर केवल रजिस्ट्री में दर्शाने के लिए लिखवाए गए थे, उक्त महिला आरोपिया द्वारा भी कथन में बताया गया कि भूमि का सौदा इसकी मां के माध्यम से कराया गया था तथा विक्रेता की वास्तविक पहचान किए बिना अन्य व्यक्तियों के कहने पर अपने नाम से रजिस्ट्री कराई गई। जांच के दौरान यह तथ्य प्रथम दृष्टया प्रकाश में आया कि रजिस्ट्री के समय स्वयं को मोहरसाय रजवाडे बताने वाला व्यक्ति वास्तविक मोहरसाय राजवाडे नहीं था। उक्त व्यक्ति के स्वयं के वास्तविक आधार कार्ड में कूटरचना कर छेडछाड कर अपने वास्तविक नाम के स्थान पर मोहसाय राजवाडे अंकित करते हुए फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया तथा उसी कूटरचित आधार कार्ड का उपयोग पंजीयन कार्यालय में पहचान पत्र के रूप में प्रस्तुत कर मृतक मोहरसाथ राजवाडे का प्रतिरूपण करते हुए विक्रय विलेख निष्पादित कराया गया। इस प्रकार आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कूटरचित पहचान दस्तावेज का उपयोग कर धोखाधड़ीपूर्वक भूमि का विक्रय बाद बंटी पटेल उर्फ वर्षित पटेल द्वारा उक्त भूमि को लगभग 30,00,000 रु में मोहम्मद नियाजुल होदा, गुलाम सरवर एवं विशाल गुप्ता को विक्रय दिनांक 18.03.2026 को कर आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया प्राप्त राशि में से कुछ राशि रामनिवास गुप्ता एवं महिला आरोपिया को दी गई तथा शेष राशि बंटी पटेल उप वर्षित पटेल द्वारा प्राप्त किया जाना प्रथम दृष्टया परिलक्षित हुआ। उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहों के कथन एवं जांच से प्रथम दृष्टया यह स्थापित होना पाया गया कि आरोपियों ने आपस में आपराधिक षड्यंत्र कर मृतक व्यक्ति के स्थान पर अमर सिंह नामक व्यक्ति है के नाम पर नोहर साय राजवाडे का नाम लिखवाकर कूटरचित कर अमर सिंह को खड़ा कर उसकी पहचान का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए, फर्जी विक्रय विलेख का निष्पादन कराया, धोखाधड़ीपूर्वक भूमि का विक्रय कर स्वयं एवं अन्य सह आरोपियों को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाया। अतः उपलब्ध तथ्यों के आध पर आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 541/26 भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61 (2), 318(4), 336(3), 338, 340 (2) धाराओं का अपराध घटित होना पाए जाने से विधिवत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
⏩ दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा प्रकरण सदर में आरोपी *(01) राम निवास गुप्ता उर्फ बोखा पिता स्व० मिश्री लाल गुप्ता उम्र 41 साल निवासी महामाया मंदिर के पास नवागढ थाना कोतवाली अम्बिकापुर जिला सरगुजा एवं अन्य 02 महिला आरोपियों* को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ कर मेमोरण्डम कथन लिया गया जो अपराध घटित करना स्वीकार किया व आरोपी राम निवास गुप्ता उर्फ बोखा के द्वारा रजिस्ट्री में लेख कराया गया चेक व चेकबुक व रियल कम्पनी का मोबाइल पेश करने पर जप्त किया गया है। आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण में आरोपियों कों गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया हैं, प्रकरण सदर में अन्य आरोपियों की गिरफ़्तारी शेष है, आरोपियों कों शीघ्र गिरफ़्तार कर लिया जायगा।
⏩ सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक के के यादव, प्रधान आरक्षक छात्रपाल सिंह, महिला आरक्षक सरस्वती पाण्डेय, आरक्षक आनंद गुप्ता, लालबाबू सक्रिय रहे।



