28 वर्ष की सेवा के बाद TET अनिवार्य किए जाने पर शिक्षकों में नाराजगी, जिला स्तर पर बनेगी रणनीति
अंबिकापुर
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 25 अगस्त को सरगुजा जिला मुख्यालय में “टेट मुक्ति रैली” निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय के नाम कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
रैली की तैयारियों को लेकर 22 एवं 23 अगस्त को TET से प्रभावित शिक्षकों की जिला स्तरीय बैठक आयोजित कर आगामी रणनीति तय की जाएगी। शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने जिले के सभी सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याताओं से रैली में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के कमलेश सिंह ने बताया का कि पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में TET अनिवार्य नहीं था। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद नई प्रक्रिया के तहत TET की अनिवार्यता से शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। मोर्चा ने सवाल उठाया है कि 28 वर्ष तक शिक्षण सेवा और अनुभव रखने वाले शिक्षकों को अब दोबारा TET जैसी परीक्षा देने के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है?
मोर्चा ने TET प्रभावित शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की गारंटी संघर्ष मोर्चा की प्रमुख प्राथमिकता है। मोर्चा का कहना है कि विभागीय स्तर पर भी इस विषय में सकारात्मक चर्चा हुई है और शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजकों द्वारा शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह एवं लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर TET प्रभावित शिक्षकों सहित विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई है। अधिकारियों के समक्ष शिक्षकों की समस्याओं और संगठन की कार्ययोजना को रखते हुए सकारात्मक पहल का आग्रह किया गया।
इसके साथ ही प्रदेश के शिक्षकों के लिए B.Ed. ब्रिज कोर्स, 13 फरवरी 2026 के नई भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में विसंगतियों को दूर करने, पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा की गणना करने तथा शिक्षक-कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान देकर वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।
“हड़ताल करना और परिणाम तक पहुंचाना अलग विषय”
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा कि केवल आंदोलन करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि आंदोलन को सकारात्मक परिणाम तक पहुंचाना भी जरूरी है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों के हित में विभाग के साथ संवाद और संघर्ष दोनों स्तरों पर रणनीति के साथ काम किया जा रहा है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक कमलेश प्रताप सिंह, नरेंद्र मिश्रा एवं श्रीमती स्नेहलता पाठक ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जिले के TET प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि 25 अगस्त की टेट मुक्ति रैली को सफल बनाने के लिए जिले के सभी विकासखंडों से शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि “यह केवल TET का विषय नहीं, बल्कि वर्षों की सेवा, अनुभव और शिक्षक सम्मान से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी प्रभावित शिक्षक एकजुट होकर 25 अगस्त की टेट मुक्ति रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।”
कमलेश सिंह
जिला संचालक
नरेंद्र मिश्रा
जिला संचालक
श्रीमती स्नेहलता पाठक
जिलासंचालक
छग शिक्षक संघर्ष मोर्चा, सरगुजा



