दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का लिया संज्ञान, पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने के दिए निर्देश,,,,
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि विशेष रिपोर्ट,,,
दिनांक 23/07/2026,
लोकेशन, रायपुर छत्तीसगढ़।।
सरगुजा/जशपुर सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर बरसात के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को लेकर प्रकाशित समाचार का राज्य सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में आने वाले प्रत्येक पर्यटक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बारिश के मौसम में जशपुर, मैनपाट, चित्रकोट, तीरथगढ़, राजपुरी जलप्रपात, दराबा और अन्य प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पर्यटन विभाग और संबंधित जिला प्रशासन को सभी संवेदनशील स्थलों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं।।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता होगी वहां तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाए जाएंगे, खतरनाक क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, सुरक्षा रेलिंग, प्रशिक्षित लाइफगार्ड, प्राथमिक उपचार केंद्र तथा आपदा राहत दल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही मौसम की चेतावनी और आपदा प्रबंधन से जुड़े दिशा-निर्देशों का भी कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षित पर्यटन विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद पूरी सुरक्षा के साथ ले सकें।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभी पर्यटकों से भी अपील की कि बारिश के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें तथा खराब मौसम और आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें।
कैबिनेट मंत्री श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वय से सुरक्षा मानकों को और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं बल्कि सुरक्षित पर्यटन के रूप में भी स्थापित हो सके।



