*’मोदी की गारंटी’ और वादों को पूरा करने की मांग; कैबिनेट मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन*
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट,,,
दिनांक 27/07/2026,
लोकेशन, सूरजपुर छत्तीसगढ़।।
सूरजपुर (छत्तीसगढ़): सूरजपुर में सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले संविदा कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ शासन की कैबिनेट मंत्री माननीय श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी से सौजन्य मुलाकात कर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और वेतन वृद्धि की प्रमुख मांगें मंत्री महोदया के समक्ष रखीं।।

इस मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संविदा कर्मचारियों की समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा की और आश्वस्त किया कि इन मांगों एवं विषयों को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा।। इसी कड़ी में, छत्तीसगढ़ सर्व संविदा कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सरगुजा संभाग के संभागीय प्रभारी आदरणीय अवधेश चंदेल जी से भी सौजन्य मुलाकात कर शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें और अन्य राज्यों का हवाला
संविदा कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में विधानसभा चुनाव 2023 के घोषणा पत्र “मोदी की गारंटी” के तहत किए गए वादों की याद दिलाई गई।।
*ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि:*
‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करने की मांग: चुनाव पूर्व भाजपा के शीर्ष नेताओं (डॉ. रमन सिंह, अरुण साव, ओ.पी. चौधरी, विजय शर्मा एवं केदार कश्यप आदि) द्वारा संविदा कर्मचारियों के आंदोलनों को समर्थन दिया गया था तथा सत्ता में आने पर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था।।
जिसमें समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की अपील: मार्च 2024 में गठित उच्च स्तरीय समिति के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी ठोस निर्णय पर न पहुँचने पर असंतोष व्यक्त किया गया तथा समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर त्वरित निर्णय लेने की मांग की गई।।
*मध्य प्रदेश मॉडल का उदाहरण:*
ज्ञापन में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की नीतियों का हवाला दिया गया, जहाँ संविदा कर्मियों के लिए 62 वर्ष तक नौकरी सुरक्षा, अनुकंपा नियुक्ति, समान कार्य का समान वेतन, नियमित पदों में 50% आरक्षण, नई पेंशन योजना, समकक्षता निर्धारण तथा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले संविदा कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
*अन्य राज्यों के प्रयास* : राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में लागू किए गए सेवा सुधार एवं नियमों का उदाहरण देते हुए छत्तीसगढ़ में भी समयबद्ध नीति बनाने का आग्रह किया गया।।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे कर्मचारी इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने हेतु संघ के प्रतिनिधि एवं संविदा कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे,।।
*जिनमें मुख्य रूप से:*
शैलेन्द्र कुमार जायसवाल, मिली रानी कर, वरुण सैदाणे, बृजलाल पटेल, अमित सिंह, अनिल कुमार, प्रवीण ठाकुर, अभय कुमार ओझा, रौशन झा, अहिबरन सिंह, नागिना, स्वर्णा, मनप्रीत सिंह, संजय, हंस लाल, अशोक साहू, संजय-सोरी-
साहू, राजेश किंडो
सहित जिले के सैकड़ों संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि शासन ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने हेतु शीघ्र ठोस कदम उठाएगा।



