जिला: बलरामपुर-रामानुजगंज
लोकेशन: बलरामपुर
फर्जी बिल का खेल उजागर, मीडिया में खबर प्रकाशित होते ही जांच के लिए पहुंचे अधिकारी
बलरामपुर जिले में सड़क के मुरुमीकरण कार्य में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दौरान सड़क की समस्या दूर करने के लिए मुरुमीकरण कराया जाना था, लेकिन मौके पर केवल 2–4 ट्रैक्टर मुरुम डालकर लगभग 800 ट्रैक्टर मुरुम का फर्जी बिल तैयार कर सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया गया है।
मामले की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के लिए अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। जांच के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपना आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि जिस मात्रा में मुरुम डालने का दावा किया गया है, उसका धरातल पर कोई प्रमाण नहीं मिला और मौके पर मुरुम का नामोनिशान तक दिखाई नहीं दिया।
जांच के दौरान ही सरपंच, सचिव और आक्रोशित ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि फर्जी बिल बनाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों की गवाही और मौके की स्थिति ने कथित अनियमितताओं की ओर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
ग्रामीणों ने सरपंच के पुत्र काबिलेश सिंह पर भी नाराजगी जताई। साथ ही सचिव पर आरोप लगाया कि सरपंच बंद कमरे में आमसभा और ग्रामसभा आयोजित करते हैं तथा वार्ड प्रतिनिधियों को बैठकों में शामिल नहीं किया जाता। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।



