बलरामपुर/कुसमी। जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरडीह में मनरेगा के मास्टर रोल और आवास योजना की राशि को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि रोजगार सहायक की भूमिका में कथित तौर पर मास्टर रोल में गड़बड़ी की गई तथा एक हितग्राही के आवास से संबंधित राशि दूसरे व्यक्ति के खाते में पहुंचने का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि आवास की राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में स्थानांतरित हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। वहीं मास्टर रोल में दर्ज मजदूरों के नाम, कार्य दिवस और भुगतान की जानकारी का भौतिक सत्यापन कराया जाए, तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
मामले में सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस हितग्राही के नाम पर आवास स्वीकृत हुआ, उसकी राशि आखिर दूसरे व्यक्ति के खाते में कैसे पहुंची? क्या दस्तावेजों और बैंक खाते की जानकारी में कोई गड़बड़ी हुई या फिर भुगतान प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई?
मीडिया के सामने मामला आने के बाद ग्रामीणों से मिले रोजगार सहायक
ग्रामीणों द्वारा मीडिया के सामने अपनी बात रखने के बाद रोजगार सहायक ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, बातचीत के दौरान रोजगार सहायक ने एक सप्ताह के भीतर पैसा देने की बात कही है। अब ग्रामीण एक सप्ताह की अवधि पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि, पैसा किस मद का है और किस प्रक्रिया के तहत वापस किया जाएगा, इसे लेकर स्थिति संबंधित दस्तावेजों और विभागीय जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत कुरडीह में मनरेगा के मास्टर रोल, उसमें दर्ज मजदूरों की उपस्थिति, मजदूरी भुगतान तथा आवास योजना की स्वीकृति एवं भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई जाए।
अब देखना होगा कि एक सप्ताह के भीतर ग्रामीणों को पैसा मिलता है या नहीं, और इस पूरे मामले में जनपद पंचायत एवं संबंधित अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।



