सरपंच बोले- ग्रामीणों के श्रमदान और आर्थिक सहयोग से हुआ काम, पंचायत निधि का नहीं हुआ उपयोग
बलरामपुर/कुसमी। जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत नावाडीह कला में वर्षों पुराने तालाब के समतलीकरण को लेकर विवाद सामने आया है। कुछ ग्रामीणों ने कार्य को लेकर पंचायत निधि के कथित उपयोग और फंड मैनेजमेंट का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार उक्त तालाब लंबे समय से उपयोग में नहीं था। पंचायत की ओर से इसे समतल कर खेल मैदान के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है। वहीं सरपंच का कहना है कि तालाब का समतलीकरण ग्रामीणों के श्रमदान और आर्थिक सहयोग से कराया गया है तथा इसमें पंचायत की राशि का उपयोग नहीं किया गया।
हालांकि शिकायतकर्ता ग्रामीणों का आरोप है कि यदि कार्य श्रमदान से कराया गया है तो इसमें जेसीबी और डोजर जैसी मशीनों का उपयोग कैसे हुआ। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत निधि से राशि आहरित किए जाने के बाद समतलीकरण कार्य में हुए खर्च के समायोजन का प्रयास किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह जांच का विषय है।
तालाब का स्वरूप बदलने को लेकर भी सवाल
मामले में एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि सार्वजनिक तालाब के स्वरूप में बदलाव कर उसे समतल करने से पहले क्या संबंधित विभाग से आवश्यक प्रशासनिक अनुमति और तकनीकी स्वीकृति ली गई थी। यदि तालाब पंचायत अथवा शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज है, तो उसके उपयोग में परिवर्तन की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंची जनपद की टीम
शिकायत के बाद मंगलवार को जनपद पंचायत स्तर की टीम मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने संबंधित पक्षों से जानकारी भी ली। अब जांच में यह स्पष्ट होना है कि समतलीकरण कार्य किस माध्यम से कराया गया, इसमें पंचायत निधि से किसी प्रकार की राशि आहरित हुई या नहीं और कार्य के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
फिलहाल ग्रामीणों के आरोप और सरपंच के पक्ष के बीच मामला जांच के अधीन है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तालाब समतलीकरण में पंचायत निधि का उपयोग हुआ या कार्य वास्तव में ग्रामीणों के श्रमदान एवं आर्थिक सहयोग से कराया गया।



