कुबेरपुर में हादसे के बाद कानून-व्यवस्था संभालने में शिथिलता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता का मामला; सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने तत्काल प्रभाव से जारी किया निलंबन आदेश,,
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट,,
दिनांक 03/11/2026,
लोकेशन, सूरजपुर छत्तीसगढ़।।
सूरजपुर। जिले के बिहारपुर क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। ग्राम कुबेरपुर में ट्रैक्टर दुर्घटना के बाद उत्पन्न परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था संभालने में कथित लापरवाही और प्रशासनिक शिथिलता बरतने के मामले में बिहारपुर के प्रभारी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित कर दिया गया है। सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने 2 नवंबर 2026 को आदेश जारी करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व एवं प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज हो गई है। जारी आदेश के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को ग्राम कुबेरपुर में ट्रैक्टर दुर्घटना के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को नियंत्रित करने में कथित तौर पर शिथिलता बरतने और अपने दायित्वों के प्रति उदासीनता दिखाने की शिकायत की गई थी। इस संबंध में 27 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर सूरजपुर के माध्यम से संभागायुक्त कार्यालय को शिकायत एवं प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था। प्राप्त शिकायत और जांच प्रतिवेदन के आधार पर संभागायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार करमचंद जाटवर की कार्यशैली एवं आचरण को लेकर कड़ी टिप्पणी की। आदेश में उल्लेख किया गया है कि दुर्घटना के बाद उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासनिक शिथिलता तथा कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरती गई। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के सर्वथा विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी का माना गया है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत करमचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय कार्यालय सरगुजा के अंतर्गत पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। आदेश में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता का भी उल्लेख किया गया है।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और मैदानी स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजस्व अधिकारियों की भूमिका केवल राजस्व संबंधी कार्यों तक सीमित नहीं होती, बल्कि आपात परिस्थितियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में प्रशासनिक समन्वय एवं त्वरित हस्तक्षेप भी उनकी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में दुर्घटना के बाद उत्पन्न स्थिति में कथित लापरवाही को लेकर हुई यह कार्रवाई प्रशासनिक अमले के लिए एक स्पष्ट संदेश मानी जा रही है।
हालांकि, यह कार्रवाई निलंबन की है, अंतिम विभागीय निष्कर्ष या सेवा से बर्खास्तगी नहीं। अब आगे की विभागीय प्रक्रिया में संबंधित तथ्यों और पक्षों का परीक्षण किया जाएगा। फिलहाल संभागायुक्त के आदेश के बाद नायब तहसीलदार करमचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
राजधानी रिपोर्टर / सौरभ साहू की विशेष रिपोर्ट



