अम्बिकापुर ।
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 57 वीं मीटिंग में लिए गए निर्णय ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की संकल्पना को साकार करते हुए व्यापारी बंधुओं को व्यापार की सरलता प्रदान करने के साथ देशहित में मिल का पत्थर साबित होगा। उक्त कथन करते हुए भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक और टैक्स बार एसोसिएशन सरगुजा के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जीएसटी व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी, तेज एवं व्यापार हितैषी बनाने की दिशा में लिए गए निर्णय निश्चित रूप से देश के व्यापार जगत में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेंगे।।
आगे उन्होंने बताया कि रिफंड प्रक्रिया में तेजी, ईमानदार व्यापारियों के आई टी सी की सुरक्षा, छोटे व्यापारियों को आपराधिक कार्रवाई से राहत तथा जीएसटी पंजीयन प्रक्रिया को और मजबूत बनाने जैसे निर्णय यह स्पष्ट करते हैं कि मोदी सरकार की प्राथमिकता देश का व्यापारी, उद्योग और आर्थिक विकास है।
श्री शर्मा ने कहा कि रजिस्ट्रेशन एवं संशोधन की प्रक्रिया आसान होने से व्यापारी बंधु दबाव मुक्त होंगे, एक समिति का गठन किया जाएगा जो इस मुद्दे की जांच करेगी कि एक सही खरीदार जो बिल पर माल खरीदा है एवं सही भुगतान किया है उसे सुरक्षा देना पहली प्राथमिकता है। 5 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले करदाता जो केवल उपभोक्ता को सप्लाई करते हैं वो साल में एक बार रिटर्न फाइल करेंगे एवं तिमाही कर का भुगतान करेंगे। मनमाने तरीके से जांच और गिरफ्तारी पर अंकुश लगाते हुए अभियोजन की सीमा को 5 करोड़ किया जाना स्वागतेय है। सामान्य पेनल्टी की रकम की सीमा को 25000.00 से घटाकर 10000.00 किया गया।
अभिषेक शर्मा ने मोदी सरकार के प्रति आभार जताया और कहा कि जीएसटी 2.0 के माध्यम से कर व्यवस्था को सही और न्याय संगत बनाने के दृष्टिकोण से लिए गए निर्णय मुकदमेबाजी को कम करेंगे एवं व्यापार को और सुगम बनाएंगे।



