जिले के समस्त विद्यालयों में हुआ आयोजन, जनप्रतिनिधियों एवं एसएमसी सदस्यों की सहभागिता के साथ पीटीएम में हुई सार्थक चर्चा

अम्बिकापुर, 30 सितंबर 2026। शिक्षा, साक्षरता, स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के तहत बुधवार को सरगुजा जिले के समस्त विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। “पढ़ेगा सरगुजा… बढ़ेगा सरगुजा…” के संदेश के साथ आयोजित अभियान में विद्यार्थियों, पालकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
अभियान के तहत विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों एवं एसएमसी सदस्यों की सहभागिता में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान “न्योता भोज” का आयोजन भी किया गया। वहीं 17 सितंबर 2026 को आयोजित भाषण, चित्रकला, रंगोली एवं नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को शिक्षा, स्वच्छता एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करते हुए “सेवा संकल्प शपथ” दिलाई गई।
अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में जागरूकता रैली भी निकाली गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने शिक्षा, साक्षरता एवं स्वच्छता से जुड़े संदेशों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया। रैली में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर जिले के विद्यालयों में पालक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में पालकों ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, अनुशासन एवं विद्यालयीन गतिविधियों के संबंध में शिक्षकों से चर्चा की। शिक्षकों ने पालकों को बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और घर पर अध्ययन के लिए उचित वातावरण उपलब्ध कराने की जानकारी दी। पालकों ने भी बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास में विद्यालय को सहयोग देने की बात कही।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने कहा कि “सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य शिक्षा को केवल विद्यालय तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे परिवार और समाज से जोड़ना है। जब शिक्षक, विद्यार्थी, पालक, जनप्रतिनिधि, एसएमसी और समुदाय मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा का प्रभाव व्यापक होता है। जिले के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों और पालकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता सरगुजा में शिक्षा के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी को दर्शाती है।”
उन्होंने कहा कि “पालक-शिक्षक बैठक बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पालक यदि बच्चों की नियमित पढ़ाई, उपस्थिति और गतिविधियों पर ध्यान दें तथा शिक्षकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें, तो विद्यार्थियों की प्रगति को और बेहतर किया जा सकता है। वहीं भाषण, चित्रकला, रंगोली एवं नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियां बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”
डॉ. झा ने कहा कि “सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में शिक्षा और साक्षरता के साथ स्वच्छता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। जागरूकता रैली और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया है।”
उन्होंने अभियान में सहयोग के लिए जिले के समस्त शिक्षकों, विद्यार्थियों, पालकों, जनप्रतिनिधियों, एसएमसी सदस्यों एवं विद्यालयीन समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया।

अभियान के दौरान हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में त्रैमासिक परीक्षा के उपरांत उसी दिन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे परीक्षा एवं अभियान की गतिविधियों में समुचित समन्वय बना रहे। जिलेभर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यालय, परिवार और समाज के बीच सहभागिता को मजबूत करने तथा शिक्षा, साक्षरता एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।



