पीएम के बाद पुलिस ने परिजन को सौंप दिया था शव, शरीर पर चोट के निशान और प्राइवेट पार्ट में सूजन देख घरवाले शव लेकर पहुंचे थे आईजी कार्यालय
अंबिकापुर/ सूरजपुर / बलरामपुर चांदो
अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करौंधा निवासी श्रवण जायसवाल के घर में रहकर काम करने वाली 12 वर्षीय आदिवासी बालिका की फांसी के फंदे पर लटकी लाश मिली थी। मामले में परिजनों ने उसके साथ बलात्कार के बाद हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। इसके बाद आईजी के निर्देश पर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों की 4 सदस्यीय टीम ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया।
बताया गया कि बालिका बलरामपुर जिले के थाना चांदो मड़वा पंचायत की रहने वाली थी और 6 भाई-बहनों में से एक थी। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण एक महिला ने उसे घरेलू काम के लिए करौंधा निवासी श्रवण जायसवाल के घर पर रखा था। बालिका वहीं रहकर काम करती थी।
1 सितंबर की शाम श्रवण जायसवाल के घर में बालिका का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। सूचना पर परिजन भटगांव अस्पताल पहुंचे। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था।
*घर पहुंचने पर परिजनों ने जताई आशंका*
परिजनों का कहना है कि शव घर लाने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए। उन्होंने प्राइवेट पार्ट में सूजन होने का भी दावा किया। इसके बाद परिजनों ने बलात्कार के बाद हत्या (Rape and murder) किए जाने की आशंका जताई। फिर 3 सितंबर की देर शाम पिकअप में शव लेकर आईजी कार्यालय पहुंचकर दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी।
*चार सदस्यीय टीम ने किया पोस्टमार्टम*
परिजनों की मांग व आईजी (Surguja IG) के निर्देश पर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों की 4 सदस्यीय टीम ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बलरामपुर जिले में अपने गृह ग्राम लौट गए। घटना के 3 दिन बाद बालिका का अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।



