अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 25 अगस्त को जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कला केंद्र मैदान में आयोजित धरना-प्रदर्शन के बाद हजारों शिक्षकों ने विशाल “टेट मुक्ति महारैली” निकालकर अपनी मांगों की आवाज बुलंद की।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में शिक्षकों के अधिकार, सेवा सुरक्षा तथा पदोन्नति में टीईटी की बाध्यता समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। रैली कला केंद्र मैदान से प्रारंभ होकर कलेक्टर कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट से होते हुये जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय के नाम कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में TET अनिवार्य नहीं था। ऐसे में वर्षों तक सेवा देने के बाद नई प्रक्रिया के तहत TET की अनिवार्यता से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। मोर्चा ने सवाल उठाया कि 28 वर्षों तक शिक्षण सेवा और अनुभव रखने वाले शिक्षकों को अब दोबारा TET जैसी परीक्षा देने के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है?
रैली के पश्चात मोर्चा के जिला संयोजक कमलेश सिंह ने TET से प्रभावित शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सेवा सुरक्षा की गारंटी संगठन की प्रमुख प्राथमिकता है। संगठन के अनुसार विभागीय स्तर पर भी इस विषय में सकारात्मक चर्चा हुई है तथा शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगो पर विचार किये बिना, पदोन्नति सूची जारी की जायेगी तो मोर्चा द्वारा उग्र आंदोलन करते हुए सम्भागीय संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जायेगा ।
पूर्व में इन मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजकों द्वारा शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह एवं लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर TET प्रभावित शिक्षकों सहित विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों के समक्ष शिक्षकों की समस्याओं एवं संगठन की कार्ययोजना रखते हुए सकारात्मक पहल का आग्रह किया गया।
मोर्चा द्वारा प्रदेश के शिक्षकों के लिए B.Ed. ब्रिज कोर्स, 13 फरवरी 2026 को जारी नई भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की विसंगतियों को दूर करने, पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा की गणना करने तथा शिक्षक-कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान प्रदान कर वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
“हड़ताल करना और परिणाम तक पहुंचाना अलग विषय”
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय सह संचालक मुकेश मूदलियार ने कहा कि केवल आंदोलन करना ही संगठन का उद्देश्य नहीं है, बल्कि आंदोलन को सकारात्मक परिणाम तक पहुंचाना भी जरूरी है। शिक्षकों के हित में विभाग के साथ संवाद और संघर्ष, दोनों स्तरों पर रणनीति के साथ कार्य किया जा रहा है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक कमलेश प्रताप सिंह, नरेंद्र मिश्रा एवं श्रीमती स्नेहलता पाठक ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जिले के TET प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।
राज्यव्यापी आंदोलन के तहत जिले के सभी विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं अम्बिकापुर पहुंचे। प्रदेश के LB संवर्ग के तीन प्रमुख संगठन छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ एवं प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया है।
मोर्चा के प्रदेश सह-संचालक मुकेश मुदलियार के मार्गदर्शन तथा सरगुजा जिला संचालक कमलेश सिंह, नरेंद्र मिश्रा एवं श्रीमती स्नेहलता पाठक के नेतृत्व में तय रणनीति के अनुसार 25 अगस्त को जिले के सभी विकासखंडों के शिक्षक सुबह 11 बजे कला केंद्र मैदान में एकत्र हुए। यहां धरना-प्रदर्शन के बाद शहर में विशाल TET मुक्ति महारैली निकाली गई और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
रैली में प्रमुख रूप से श्रीमती कंचनलता श्रीवास्तव, श्रीमती नीतू सिंह, भरत सिंह रोहिताश शर्मा, अरविंद सिंह, अमित सिंह, काजेश घोष, अनिल तिग्गा, रामबिहारी गुप्ता, राजेश गुप्ता, सुरित राजवाड़े, रमेश याज्ञिक, सुशील मिश्रा, जवाहर खलखो, अमित सोनी, रणबीर सिंह चौहान, लखन राजवाड़े, राकेश पांडेय, योएल लकड़ा, लव गुप्ता, संजय अम्बष्ट, राकेश दुबे, संतोष सिंह, राजेश सिंह, विशाल गुप्ता, अनिता तिवारी, रचना सोनी, नीलम सोनी, ललिता सिंह, हीरामनी चौहान, नीतू यादव, रेखा रॉय, प्रतिमा नामदेव, अरविंद राठौर, दया भगत, मनोज गुप्ता, परमानंद गुप्ता, गोपाल गुप्ता देवेंद्र सिंह,ओमप्रकाश शाक्य, मदन मोहन, बुंदलेश्वर सिंह, विनोद यादव एवं केश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा, सरगुजा



