अम्बिकापुर। जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सरपंच संघ ने अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सरईटिकरा के सरपंच रामसाय मिंज के खिलाफ चिताबहार वसूली प्रकरण में की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और सीईओ राजेश सिंह सेंगर को तत्काल भारमुक्त करने के लिए कलेक्टर को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं होने पर जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सरपंच लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
सरपंच संघ ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सीईओ राजेश सिंह सेंगर को हटाने की मांग को लेकर चलाए गए आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण रामसाय मिंज को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया। संघ का कहना है कि ग्राम पंचायत चिताबहार के वसूली प्रकरण में रामसाय मिंज का नाम शामिल कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं थी। संघ ने इसे आपसी वैमनस्य के तहत की गई कार्रवाई बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरपंच संघ के अनुसार वर्ष 2025 में राजेश सिंह सेंगर को जनपद पंचायत अम्बिकापुर से हटाने की मांग को लेकर सरपंचों ने आंदोलन किया था। उस समय रामसाय मिंज ने सरपंच संघ के अध्यक्ष के रूप में आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। संघ का आरोप है कि इसी पृष्ठभूमि के कारण उन्हें चिताबहार के वसूली प्रकरण में लक्षित किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के विरुद्ध यदि कोई शिकायत या प्रकरण है तो उसकी जांच निष्पक्ष एवं नियमानुसार होनी चाहिए। संघ ने रामसाय मिंज के मामले में भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरपंच संघ ने सीईओ आरएस सेंगर के स्थानांतरण के बावजूद उन्हें अब तक भारमुक्त नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। सेंगर करीब ढाई वर्षों से जनपद पंचायत अम्बिकापुर में पदस्थ हैं और उनके कार्यकाल में ग्राम पंचायतों पर अनावश्यक दबाव, जांच के नाम पर परेशान करने तथा कथित अवैध वसूली को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
संघ के अनुसार 30 जून 2026 को राजेश सिंह सेंगर का स्थानांतरण सीईओ जनपद पंचायत रामानुजनगर, जिला सूरजपुर के पद पर कर दिया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद उन्हें अम्बिकापुर से भारमुक्त नहीं किया गया है। सरपंच संघ ने कलेक्टर से स्थानांतरण आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
ज्ञापन में ग्राम पंचायतों से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष जय सिंह कुंवर , ब्लॉक अध्यक्ष राम साय मिंज, जनपद अध्यक्ष विक्रम सोन पाकर, उपाध्यक्ष सतीश यादव, जिलापंचायत सदस्य अनीमा केरकेट्टा, उपसरपंच संघ के जिला अध्यक्ष राजू पाण्डेय एवं जिला जनपद और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि गण शामिल थे।



