भाजपा सोशल मीडिया अल्पसंख्यक मोर्चा, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सहप्रभारी आशीष जैन ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के माध्यम से भारत की शिक्षा व्यवस्था में जो ऐतिहासिक परिवर्तन किए गए हैं, वे आने वाले वर्षों में विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे।
आशीष जैन ने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं की जानकारी सामने आते ही केंद्र सरकार ने तत्परता दिखाते हुए जांच एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार की प्राथमिकता शुरू से ही यह रही कि किसी भी मेधावी विद्यार्थी का भविष्य प्रभावित न हो और देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।
आशीष जैन ने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही और नैतिकता सर्वोच्च मूल्य हैं। यदि कोई जनप्रतिनिधि नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कोई निर्णय लेता है, तो वह उसके सार्वजनिक जीवन की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का व्यक्तित्व सदैव राष्ट्रहित, छात्रहित और संगठन हित को सर्वोपरि रखने वाला रहा है।
आशीष जैन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान जी की कार्यशैली, सादगी, संगठन क्षमता, दूरदर्शी नेतृत्व और युवाओं के प्रति समर्पण उन्हें देश के अग्रणी नेताओं की पंक्ति में स्थापित करता है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए सुधारों का लाभ आने वाली पीढ़ियाँ लंबे समय तक प्राप्त करती रहेंगी।
आशीष जैन ने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सभी राजनीतिक दलों और समाज को राजनीति से ऊपर उठकर विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। करोड़ों छात्रों की मेहनत और उनके सपनों को किसी भी प्रकार के भ्रम, अव्यवस्था या राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
अंत में आशीष जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री धर्मेंद्र प्रधान जी आगे भी राष्ट्र निर्माण, शिक्षा सुधार और युवा सशक्तिकरण के लिए उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।



