*छतों के झड़ने लगे हैं प्लास्टर आए दिन छात्रों के साथ दुर्घटना की संभावना*
अंबिकापुर, [28/08/25]: अंबिकापुर के राजीव गांधी पीजी कॉलेज की बदहाल और जर्जर इमारतों को लेकर आजाद सेवा संघ ने आज कॉलेज प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और अविलंब कार्यवाही की मांग की है।
बदहाल स्थिति उजागर आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने प्राचार्य महोदय का ध्यान कॉलेज परिसर की कई इमारतों की ओर आकर्षित किया, जो वर्तमान में अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। विशेष रूप से कमरा नंबर 23, 24, 25 और L.L.B साइड की बिल्डिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि इन इमारतों की दीवारें, छतें और अन्य संरचनात्मक हिस्से कमजोर हो चुके हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
रचित मिश्रा ने जोर देकर कहा, “यह स्थिति छात्रों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। आए दिन इन कमरों की प्लास्टर भी झड़ने लगे हैं, जिससे छात्रों के जीवन को खतरा हो सकता है या उन्हें गंभीर चोटें आ सकती हैं।”
नए सत्र से पहले मरम्मत की मांग
रचित मिश्रा ने इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की कि महाविद्यालय में नए प्रवेश ले रहे छात्रों की कक्षाएं कुछ ही दिनों में प्रारंभ हो जाएंगी, और ऐसे में कक्षाओं की वर्तमान स्थिति छात्रों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षण संस्थान होने के नाते, कॉलेज प्रबंधन का यह प्राथमिक दायित्व है कि वह छात्रों को एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान करे।
संघ की प्रमुख मांगें
आजाद सेवा संघ ने कॉलेज प्रशासन से इस गंभीर विषय पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है और निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी हैं:
* उपरोक्त चिन्हित कमरों और एल.एल.बी. (L.L.B.) साइड की बिल्डिंग का तत्काल प्रभाव से संरचनात्मक मूल्यांकन (Structural Assessment) करवाया जाए।
* जर्जर हो चुकी इमारतों की मरम्मत या आवश्यकतानुसार पुनर्विकास के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएं।
* जब तक मरम्मत कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक इन असुरक्षित क्षेत्रों में छात्रों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने बताया कि महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा उचित आश्वासन दिया गया है कि जर्जर इमारतों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाएगी। हालांकि, मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि सात दिवस के अंतराल में मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो संघ द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रबंधन की होगी।
आजाद सेवा संघ ने आशा व्यक्त की है कि कॉलेज प्रशासन इस महत्वपूर्ण मुद्दे की गंभीरता को समझेगा और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र और उचित कार्यवाही करेगा। संघ ने इस विषय में हर संभव सहयोग के लिए अपनी तत्परता भी व्यक्त की है।




