अंबिकापुर।
भारतीय जनता पार्टी, जिला सरगुजा के प्रतिनिधिमंडल ने आज पुलिस अधीक्षक सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर जिले में बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों के नियमित सत्यापन, सभी थानों में मुसाफिरी पंजी (मुसाफिर रजिस्टर) को अनिवार्य रूप से सक्रिय करने तथा अवैध एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ हत्या का आरोपी और 2001 से फरार कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम (साबिर) लंबे समय से अंबिकापुर के खरसिया नाका क्षेत्र में निवासरत पाया गया। उसे गिरफ्तार करने पहुंची झारखंड पुलिस की कार्रवाई के दौरान उसके फरार होने की घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यह घटना इस बात का संकेत है कि बाहरी अपराधियों को स्थानीय स्तर पर संरक्षण एवं सहयोग मिल रहा है, जो कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
भाजपा ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि जिले के सभी थानों में मुसाफिरी पंजी को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य रूप से संचालित किया जाए, ताकि बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा विवरण एवं सत्यापन दर्ज किया जा सके। साथ ही किराए के मकानों, लॉज, होटल, ढाबों एवं निजी प्रतिष्ठानों में रहने या कार्य करने वाले बाहरी व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भाजपा ने यह भी मांग की कि बस संचालन, गैरेज एवं परिवहन व्यवसाय से जुड़े संदिग्ध तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाए, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए, अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित चेक पोस्टों पर वाहनों की सघन जांच की जाए तथा अपराधियों को संरक्षण देने वाले स्थानीय नेटवर्क एवं सहयोगियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
भाजपा ने विश्वास व्यक्त किया कि सरगुजा पुलिस अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाकर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगी।
पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री विनोद हर्ष, जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन शुक्ला, निलेश सिंह, दिनेश शुक्ला, पीयूष त्रिपाठी, जन्मेजय पांडे, धनंजय मिश्रा, मनोज कंसारी, अभिमन्यु श्रीवास्तव, जतिन परमार, अमोघ कश्यप, सुधांशु चौबे, रवि विश्वकर्मा, सतीश विश्वकर्मा एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।



