:- *पीड़िता को मोबाइल पर भेजता था अश्लील मैसेज।*
:- *कोतवाली पुलिस द्वारा न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर आरोपी की कि गई गिरफ्तारी*
:-*घटना के बाद से आरोपी प्राध्यापक लगातार फरार था, महाविद्यालय ने दी जानकारी*
⏩ घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि वर्ष 2025 में शासकीय राजमोहिनी कन्या महाविद्यालय के इतिहास विषय के सहायक प्राघ्यापक चंद्र किशोर कौशल पीड़िता को व्हाट्सप पर मैसेज भेजा करता था जो शिष्टाचार वश पीड़िता रिपलाई कर दिया करती थी। आरोपी ने पीड़िता को माह अक्टूबर-नवम्बर 2025 में व्हाट्सएप के माध्यम से अश्लील फोटो एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मैसेज करने लगा जिससे परेशान होकर चंद्र किशोर का नम्बर ब्लॉक कर दी एवं घटना की जानकारी अपने परिजन एवं महाविद्यालय प्रबंधन को दी जिस पर आरोपी को परेशान नहीं करने की चेतावनी भी दी गई थी। महाविद्यालय में शिकायत करने के बाद आरोपी ने पीड़िता को और अधिक परेशान करना प्रारंभ कर दिया। पीड़िता की दिनांक 01. मई 2026 को विवाह होना था। जो आरोपी द्वारा वर पक्ष वालों को पीड़िता के बारे में भ्रमित कर शादी तुड़वा दिया गया। दिनांक 27.02.2026 को आरोपी अपने साथियों के साथ पीड़िता को सुनसान स्थान पर लेजाकर 01 नग सैमसंग अल्टरा एवं 01 नग विवो का मोबाईल इत्यादि छीन लिया एवं वहां से भाग गया। जिससे पीड़िता मानसिक पीड़ा, अपमान एवं सामाजिक दबाव के कारण थाना अम्बिकापुर में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
▶️पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अम्बिकापुर में अपराध क्र- 160/2026 धारा 75(1)(ii),78,79,309(4),3(5) बी.एन.एस. एवं 67 आई.टी. एक्ट का अपराध पंजिबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान आरोपी चंद्र किशोर कौशल के संबंध में प्राचार्य शासकीय राजमोहनी देवी महाविद्यालय से जानकारी प्राप्त की गई एवं आरोपी के संभावित ठिकानों पर पुलिस टीम द्वारा पता तलाश की जा रही थी। दिनांक 04.05.2026 को प्रकरण के आरोपी चन्द्रकिशोर माननीय न्यायालय अम्बिकापुर में आत्मसमर्पण किये जाने के पश्चात न्यायालय अम्बिकापुर से गिरफ्तार किये जाने हेतु अनुमति प्राप्त कर प्रकरण के आरोपी डॉ0 चन्द्रकिशोर कौशल पिता सुभाष राम उम्र 30 वर्ष निवासी बाबूपारा अम्बिकापुर थाना मणिपुर जिला सरगुजा को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
▶️प्रकरण की विवेचना कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली अंबिकापुर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, आरक्षक बृजेश राय, अहसान फिरदौसी, नितिन सिन्हा सक्रिय रहे।



