हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान, हजरत मुहम्मद साहब की जीवनी एवं संदेशों पर डाला प्रकाश
कुसमी, बलरामपुर। नगर कुसमी में ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मानव सेवा और सामाजिक एकता का संदेश भी देखने को मिला। रजा यूनिटी फाउंडेशन के बैनर तले विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदू एवं मुस्लिम समाज के लोगों ने एकजुट होकर स्वेच्छा से रक्तदान किया।
रक्तदान शिविर में युवाओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। जरूरत के समय किसी जरूरतमंद को दिया गया रक्त उसकी जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य के साथ आयोजित इस शिविर में लोगों ने धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता के लिए अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान हजरत मुहम्मद साहब की जीवनी, उनके जीवन आदर्शों एवं मानवता के प्रति उनके संदेशों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब ने लोगों को आपसी भाईचारा, प्रेम, शांति, सद्भाव तथा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश दिया। उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र में अमन-चैन, शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में युवाओं की विशेष भागीदारी रही, जिन्होंने रक्तदान जैसे सामाजिक एवं जनहितकारी कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रजा यूनिटी फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य सामाजिक एकता और मानव सेवा को बढ़ावा देना है। रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है, ऐसे में रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करना और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुसमी में हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा एक साथ रक्तदान करना आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की मिसाल है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक पर्वों को सामाजिक सेवा और जनकल्याण से जोड़ने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। ऐसे आयोजनों से लोगों के बीच आपसी विश्वास, भाईचारा और सद्भाव मजबूत होता है।
ईद मिलादुन्नबी के इस आयोजन ने कुसमी क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ मानवता, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।



