अंबिकापुर/ मुंबई – आजादी के 80 साल के बाद देश की वर्तमान दशा और जो दिशा है, ऐसे वातावरण में फिल्म प्रयोग, नाट्य रूपांतरित फिल्म एक ही रास्ता और रामानुजगंज एक आवाज का संदेश प्रासंगिक है, इसे हर भारतवासी को देखना चाहिए।
सर्व विदित है कि आज हम 80 वा स्वतंत्रता दिवस मना चुके हैं, लेकिन देश की वर्तमान जो दशा और दिशा है इसे देखकर ऐसा लगता है कि हम एक उफाफोह की स्थिति में जी रहे हैं। कहीं हड़ताल, कही आतंकवाद, कहीं नक्सलवाद, कहीं हत्या, कहीं क्राइम, कहीं चोरी, कहीं डकैती.. कुल मिलाकर हम असुरक्षा की भावना से जी रहे हैं। ऐसे वातावरण में देश के समाज विज्ञानी श्री बजरंग मुनि जी के रिसर्च पर आधारित मदारी आर्ट्स के द्वारा निर्मित गांधी जी के विचारों पर केंद्रित निर्देशक गोविंद मिश्रा की प्रयोग, निर्देशक अजय आनंद की नाट्य रूपांतरित फिल्म एक ही रास्ता और निर्देशक जितेंद्र विंदु की फिल्म रामानुजगंज एक आवाज का संदेश प्रासंगिक है, इसे हमें जरुर देखना चाहिए। इसे मदारी आज के यूट्यूब चैनल पर जाकर देखा जा सकता है।
इस संबंध में मदारी आर्ट्स के आनंद कुमार गुप्त ने बताया कि हम देश के 140 करोड़ से ज्यादा लोग पिछले 80 वर्षों से इस बात का उम्मीद कर रहे हैं कि अब हमारा देश में सब कुछ सही हो जाएगा और इसके लिए हम प्रधानमंत्री के रूप में 15 से ज्यादा चेहरे बदल चुके हैं, फिर भी जनता को बेहतर शासन नहीं मिला।
ऐसा लगता है की हमारे सिस्टम में ही कुछ गड़बड़ है। क्या वर्तमान समय में गांधी के विचारों को एक बार फिर से लाने की जरूरत है , क्या पावर ऑफ रिकॉल का होना जरूरी है, या फिर इस देश के संविधान में आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत है।



