अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश की समस्त जनता को हार्दिक शुभकामनाएं। योग हमारी प्राचीन परंपरा है, जो स्वस्थ जीवन और अनुशासन का संदेश देता है। योग को बढ़ावा देना अच्छी पहल है, लेकिन इसके नाम पर सरकारी धन के अत्यधिक खर्च पर विचार करना भी जरूरी है।
योग दिवस को भव्य आयोजन और दिखावे तक सीमित करने के बजाय इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाना चाहिए। मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में, स्कूल-कॉलेज अपने परिसरों में, सरकारी कर्मचारी अपने कार्यालयों में और आम जनता अपने स्तर पर योग करें। इससे योग का संदेश भी हर व्यक्ति तक पहुंचेगा और जनता के पैसे का सदुपयोग भी होगा।
जब प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और युवाओं की समस्याओं से जूझ रही है, तब सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च कर बड़े आयोजन करना कितना उचित है, इस पर गंभीर विचार आवश्यक है।
सरकारी धन जनता की मेहनत की कमाई है। इसका उपयोग प्रचार और दिखावे में नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण के कार्यों में होना चाहिए।
हम योग के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उन अनावश्यक खर्चों के विरोधी हैं जिनका सीधा लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचता। प्रदेश का विकास तभी संभव है जब सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान हो।
रशीद अहमद अंसारी
अध्यक्ष — जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग, सरगुजा अम्बिकापुर



