अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय विद्यालयों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र, भोजन मंत्र, गायत्री मंत्र तथा शांति मंत्र के अनिवार्य पाठ संबंधी जारी निर्देश पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि शिक्षा का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का विकास करना है, न कि किसी विशेष धार्मिक परंपरा को अनिवार्य रूप से लागू करना।
उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालय देश की विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक हैं, जहां सभी धर्मों, समुदायों और सामाजिक वर्गों के बच्चे एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में किसी एक धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों और प्रार्थनाओं को अनिवार्य करना संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं माना जा सकता। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था, पूजा-पद्धति और विचारों की स्वतंत्रता प्रदान करता है तथा राज्य को सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश देता है।
परवेज़ गांधी ने स्पष्ट किया कि यह किसी धर्म विशेष के विरोध का विषय नहीं है। भारत की सभी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं सम्मान की पात्र हैं। किंतु सरकारी संस्थानों में किसी एक धर्म से जुड़े अनुष्ठानों को अनिवार्य करना उचित नहीं है। विद्यालयों का वातावरण ऐसा होना चाहिए जहां हर विद्यार्थी स्वयं को समान रूप से सम्मानित और सहज महसूस करे।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का युग है। देश के बच्चों को वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण और आधुनिक शिक्षा से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और संविधान भी वैज्ञानिक चेतना तथा तर्कशीलता को बढ़ावा देने पर बल देते हैं। सरकार को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों की रिक्तियां भरने, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाएं विकसित करने और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
परवेज़ गांधी ने राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को संविधान के मूल्यों, राष्ट्रनिर्माण, नैतिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और वैज्ञानिक सोच पर आधारित बनाया जाना चाहिए, ताकि सभी समुदायों के बच्चों को समान अवसर और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक सद्भाव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के पक्ष में हमेशा खड़े रहे है तथा बच्चों और शिक्षा से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे।
परवेज़ आलम गांधी
प्रदेश महासचिव, छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी,अल्पसंख्यक विभाग



