राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू
*दिनांक 14/06/2026* ,
जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़।।
सूरजपुर/ छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण और सम्मान को लेकर सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन हाल ही में महिलाओं को वितरित किए गए कथित गिलट (नकली) मंगलसूत्र को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली और योजनाओं की गुणवत्ता पर नई बहस छेड़ दी है।
जानकारी के अनुसार, महिलाओं को सम्मान और प्रोत्साहन के उद्देश्य से वितरित किए गए मंगलसूत्र की गुणवत्ता को लेकर कई स्थानों पर नाराजगी देखने को मिली है। महिलाओं और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि सरकार महिलाओं के सम्मान की बात करती है, तो वितरण की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता भी उसी स्तर की होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में योजनाओं की सफलता के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर गुणवत्ता और पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद यदि लाभार्थियों को निम्न गुणवत्ता की सामग्री मिल रही है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
इस पूरे मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग पर निशाना साधते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि महिलाओं के सम्मान के नाम पर केवल प्रतीकात्मक उपहार बांटने के बजाय योजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं, आम जनता अब यह जानना चाहती है कि संबंधित सामग्री की खरीद किस प्रक्रिया के तहत की गई, गुणवत्ता परीक्षण हुआ या नहीं, और यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग विभाग तथा सरकार से स्पष्ट जवाब की अपेक्षा कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और महिलाओं के सम्मान से जुड़े इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।



