बलरामपुर के कुसमी ब्लॉक में घटिया निर्माण की पोल खुली, बाल-बाल बचे मजदूर; ग्रामीणों में आक्रोश
जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाडीहकला में शासकीय निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ का भवन निर्माण पूरा होने से पहले ही अपनी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
*पुताई के दौरान गिरा छज्जा, बड़ा हादसा टला*
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो महीनों से भवन का निर्माण कार्य जारी था। जैसे ही निर्माण अंतिम चरण में पहुंचा और पुताई का काम शुरू हुआ, खिड़की का कंक्रीट छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि उस वक्त नीचे कोई मजदूर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
*सूचना पटल गायब, नियमों की खुली अनदेखी*
नियमों के अनुसार, हर शासकीय निर्माण स्थल पर सूचना पटल लगाना अनिवार्य होता है, जिसमें कार्य का विवरण, लागत, एजेंसी और तकनीकी जानकारी दर्ज होती है। लेकिन नवाडीहकला में यह नियम पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भवन की अनुमानित लागत करीब 5.5 लाख रुपये है, लेकिन मौके पर इसकी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

*ग्रामीणों में आक्रोश, घटिया सामग्री का आरोप*
भवन के निर्माण के दो महीने के भीतर ही इस तरह ढहने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और निगरानी की कमी के कारण यह स्थिति बनी है।

उनका आरोप है कि “डिजिटल इंडिया के नाम पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है।”
*जवाबदेही पर उठे सवाल*
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
1) निर्माण के दौरान तकनीकी सहायक और इंजीनियरों की निगरानी कहां थी?
2) बिना सूचना पटल के कार्य कैसे शुरू हुआ?
3) क्या यह भवन सामान्य दबाव भी झेलने में सक्षम नहीं है?
*जांच और कार्रवाई की मांग*
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी सरपंच, सचिव और तकनीकी अमले पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।



