*ब्लैक स्पॉट्स में सुधार, त्वरित आपातकालीन सहायता, ई-चालान एवं यातायात जागरूकता पर विशेष जोर*
*जशपुर पुलिस के व्यापक जन-जागरूकता अभियान की तर्ज पर रेंज के अन्य जिलों को भी अभियान चलाने के निर्देश*
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम तथा आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा द्वारा रेंज के सभी यातायात नोडल अधिकारियों एवं e-DAR के DRM सदस्यों की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, ब्लैक स्पॉट्स में आवश्यक सुधार, डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम, ई-चालान तथा यातायात जन-जागरूकता अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई।
*ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश*
पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देशित किया कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग एवं परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं। इनमें तीखे मोड़ों एवं खतरनाक ढलानों में सुधार, बड़े गड्ढों की शीघ्र मरम्मत, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों से पहले बड़े एवं स्पष्ट चेतावनी संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार रंबल स्ट्रिप्स एवं अन्य गति नियंत्रण उपाय शामिल हैं।
बैठक में बताया गया कि पूर्व में चिन्हित कुछ दुर्घटना संभावित स्थलों पर संकेतक बोर्ड, रोड मार्किंग एवं अन्य सुधारात्मक उपाय किए जाने के बाद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एनएच-43 के नावापारा ब्लैक स्पॉट, सम्राट पेट्रोल पंप के समीप तथा कटनी–गुमला मुख्य मार्ग के लुण्ड्रा चौक पर किए गए सुधारों के बाद दुर्घटनाओं में कमी देखी गई है। आईजी ने इन सफल उदाहरणों का अध्ययन कर रेंज के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार प्रभावी सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने पर जोर*
डायल-112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आईजी श्री झा ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सूचना प्राप्त होते ही उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए घटनास्थल पर यथाशीघ्र पहुंचकर पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा रिस्पॉन्स टाइम में निरंतर सुधार किया जाए।
उन्होंने निजी आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं में भी GPS आधारित ट्रैकिंग की संभावनाओं पर संबंधित एजेंसियों से समन्वय करने तथा पुलिस कंट्रोल रूम एवं डायल-112 के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए।
*सभी जिलों में ई-चालान के प्रभावी उपयोग के निर्देश*
यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में जिला सरगुजा एवं एमसीबी में ई-चालान पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। आईजी ने रेंज के अन्य जिलों को भी आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर मोटरयान अधिनियम के तहत ई-चालान प्रणाली का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*जशपुर के मॉडल पर अन्य जिलों में भी व्यापक जन-जागरूकता अभियान*
यातायात जागरूकता के क्षेत्र में जशपुर पुलिस द्वारा एक ही दिन में 766 गांवों में यातायात जन-चौपाल आयोजित कर हेलमेट, सीट बेल्ट एवं यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के अभियान की सराहना करते हुए आईजी ने रेंज के अन्य जिलों को भी इसी प्रकार व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों, हाट-बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर जन-चौपाल, बैनर, पोस्टर, पम्पलेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से यातायात नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की “राह-वीर योजना” के संबंध में भी आम नागरिकों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटना के घायलों को समय पर सहायता मिल सके और जनभागीदारी के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम किया जा सके।
बैठक में सरगुजा रेंज के समस्त यातायात नोडल अधिकारी, e-DAR के DRM सदस्य एवं रेंज कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



