उनकी मां मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं तथा पुश्तैनी जमीन ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि उस पर भी कब्जा हो गया तो परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
रायगढ़ तहसीलदार ने बताया कि मामला पुसौर तहसील क्षेत्र का होने के कारण संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

यह घटनाक्रम प्रशासनिक व्यवस्था के सामने एक गंभीर सवाल भी खड़ा करता है कि यदि शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं हो, तो पीड़ित लोग निराश होकर ऐसे खतरनाक कदम उठाने पर विवश हो सकते हैं। हालांकि इस मामले में समय रहते प्रशासन की सक्रियता से स्थिति संभल गई और किसी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।



