अंबिकापुर/देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने एक बार फिर आम जनता की जेब पर सीधा असर डालने वाला फैसला लिया है। घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक साथ बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं, गृहिणियों तथा छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय है।
मोदी सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में सीधे 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की वृद्धि की गई है। इससे होटल, ढाबा, छोटे रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों की लागत भी बढ़ेगी, जिसका असर अंततः आम लोगों पर ही पड़ेगा।
गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों के भीतर ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में कुल 307 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। लगातार हो रही इस वृद्धि ने छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है।
पहले अंतर्राष्ट्रीय दाम कम होने पर भी जनता को उसका लाभ नहीं दिया, अब महँगाई के बोझ तले जनता को पिसते देख रहे हैं। जंग जैसी स्थिति में भी सब ठीक है का ढिंढोरा पीटने वाली मोदी सरकार पर सवाल उठना लाज़िम हैं।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज गांधी ने कहा कि मोदी सरकार लगातार महंगाई का बोझ जनता पर डाल रही है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।
उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर देश की गृहिणियों और गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है। पहले ही बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं, ऐसे में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाना जनता के साथ अन्याय है।
परवेज गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। जनता को राहत देने के बजाय लगातार ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ रही हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।



