अंबिकापुर ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा बच्चों के व्यक्तित्व विकास हेतु आयोजित समर कैंप उमंग,2026 कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 2 मई शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा डॉ.दिनेश कुमार झा, जिला अध्यक्ष भाजपा भारत सिंह सिंसोदिया, सचिव रामकृष्ण आश्रम के स्वामी तन्मयानंद व ब्रह्माकुमारीज संचालिका सरगुजा संभाग की बीके विद्या दीदी द्वारा बच्चों की उपस्थिति में द्विप प्रज्वलन कर किया ।

*इस अवसर पर भारत सिंह सिसोदिया* ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा की आज मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा इन्हीं चार स्तर पर अपने सुख की कल्पना करते हैं। उन्होंने बताया कि हमें स्वयं को अपने जीवन के लिए खुद का प्रकाश बनना चाहिए इन नौ दिनों में रोज विभिन्न विषयों पर अलग-अलग अनुभवी टीचर्स के द्वारा कुछ ना कुछ सीखने को मिलेगा। *डॉक्टर दिनेश कुमार झा* ने बच्चों में प्रेरणा भरते हुए कहा कि जिस तरह गिटार को पोंछ कर चमकाया जाता है एवं उसके तार को व्यवस्थित किया जाता हैउसी प्रकार जब हम अपने आप को साफ सुथरा, व्यवस्थित रखते हैं तो हमारी कीमत बढ़ जाती है हमें महान व्यक्तियों से प्रेरणा लेकर स्वयं को भी महान बनना चाहिए। *ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी* ने भी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का उद्देश्य बताया की हमें महान व्यक्तियों के जीवन चरित्र सुनकर अपने जीवन को भी महान बनाना है उन्होंने बचपन के दिन भुला ना देना गीत के माध्यम से बच्चों को जीवन जीने की कला बतायीं। तनाव से किया गया कार्य हमें कभी भी सफलता नहीं दिला सकती ।समर कैंप का उद्देश्य आध्यात्मिक सशक्तिकरण द्वारा व्यक्तित्व विकास करना है। जीवन में पर्सनालिटी व गुणों के आधार पर आपका मूल्य गिना जाता है। हमारे कर्तव्य ऐसे हो जब संसार से जाएं तो लोग याद करें। जब हम इनर पावर पर काम करते हैं तब इनर पर्सनालिटी के साथ बाह्य पर्सनालिटी का विकास स्वतः हो जाता है इसके लिए स्वयं को अर्थात आत्मा को जानकर आत्मा की तीन शक्ति मन, बुद्धि, संस्कार को सकारात्मक सोच के आधार पर दिव्य बनाना है। दिव्यता के आधार पर ही दिव्य संस्कार उत्पन्न किया जा सकता है यह अच्छे संस्कार ही हमें हर जगह सफलता दिला सकती है। *स्वामी तन्मयानंद* ने भी वर्तमान और प्राचीन शिक्षा की तुलना करते हुए कहा कि कभी किसी को भी कष्ट नहीं देना है, सुख देने की प्रवृत्ति हमारे अंदर हो, सबके प्रति सहानुभूति रख मददगार बनना चाहिए। अपना काम स्वयं करना चाहिए।

ब्रह्मकुमारी बहनों द्वारा सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ, बैच और तिलक लगाकर सम्मान किया गया। अंबिकापुर के विभिन्न स्कूलों से छठवीं क्लास से 1०वीं क्लास के बच्चों की काफी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन बीके प्रतिमा बहन ने किया।



