*सरकार दे रही बजट न होने का हवाला,शहर के अधिकांश वार्डो में पोलियो बूथ नदारत ..*
*डबल इंजन सरकार के पास सिर्फ बड़े बड़े विज्ञापनों और होर्डिंग के लिए प्रयाप्त बजट उपलब्ध किंतु पोलियो अभियान के लिए न होना प्रदेश का दुर्भाग्य …*
*जगदलपुर ..*
*आज राष्ट्रीय पोलियो दिवस के अवसर पर बस्तर जिले में अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिला है भाजपा सरकार में पोलियो अभियान में न ही जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही किसी भी प्रकार की कोई प्रचार प्रसार किया गया यह सबसे बड़ी प्रशासनिक चूक है! साथ ही डबल इंजन की भाजपा सरकार की निष्क्रियता की और नाकामी का प्रमाण है उक्त बातें बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही है …*
*शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे बताया विश्व पोलियो दिवस केवल स्मरण दिवस नहीं है,बल्कि यह माता-पिता, स्वास्थ्यकर्मियों और समाज के लिए एक चेतावनी और जिम्मेदारी भी है। यह हमें याद दिलाता है कि बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए समय पर वैक्सीन देना, सफाई का ध्यान रखना और सार्वजनिक जागरूकता फैलाना आवश्यक है। किंतु भाजपा सरकार में शहर में किसी भी प्रकार की न ही जागरूकता अभियान चलाई गई और न ही कोई प्रचार प्रसार किया गया इसके बावजूद जगदलपुर शहर के अधिकांश वार्डो में पोलियो बूथों की व्यवस्था ही नहीं की गई है प्रदेश का दुर्भाग्य है कि बस्तर जिले में विधायक, सांसद और महापौर बड़े बड़े विज्ञापनों और बड़े बड़े होर्डिंग में नजर आते हैं और इसके लिए प्रयाप्त बजट भी उपलब्ध होता है किन्तु पोलियो मुक्त अभियान के तहत पोलियो अभियान चलाने भाजपा की डबल इंजन सरकार के पास पर्याप्त नहीं बजट है भाजपा सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह फैल साबित हो चुकी है!*
*शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा 1995 में पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम के आरंभ के साथ ही पोलियो उन्मूलन की दिशा में भारत ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। 1994 में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर दिल्ली में बड़े पैमाने पर पहला टीकाकरण अभियान चलाया गया जो राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का अग्रिम चरण था। इस अभियान में ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) इस्तेमाल किया गया, जिसके अन्तर्गत 10 लाख से अधिक बच्चों तक इसकी खुराक पहुंचाई गई और सुनिश्चित किया गया कि पांच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को इसकी खुराक पिलाई जाए। बाद में यही सफलता पूरे देश में दोहराई गई।नए टीके के एकीकरण,नई निगरानी प्रणालियों और सरकार के नेतृत्व वाले टीकाकरण अभियानों ने भारत को पोलियो मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।और जिसमें कांग्रेस की सरकार ने महंती भूमिका निभाई थी।*
*शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने बताया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भारत में पोलियो अभियान को सफल बनाने एक राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाया था जिसे दो बूंद जिंदगी की का प्रसिद्ध नारा दिया गया,जो 1995 में शुरू हुए पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान से जुड़ा है,जिसमें टेलीविजन,पेपरों सहित अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रचार किया था जिसने भारत को पोलियो मुक्त घोषित होने का गौरवपूर्ण मील का पत्थर हासिल करने में मदद की।जिसका लक्ष्य 5 साल से छोटे बच्चों को विकलांगता और पोलियो से बचाना था, और इस अभियान ने भारत को पोलियो मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.यह अभियान ‘ऑरल पोलियो वैक्सीन’ की दो बूंदें घर-घर जाकर या पोलियो बूथों पर पिलाने पर केंद्रित था, और यह भारत के स्वास्थ्य सेवा प्रयासों का एक प्रतिष्ठित प्रतीक बन गया.और कांग्रेस की सरकार ने साल 2014 में पोलियो को जड़ से मिटाकर भारत को पोलियो मुक्त बनाया था।ये सब सरकार के दृढ़ निश्चय और स्वास्थ्यकर्मियों के अथक प्रयासों से मुमकिन हो सका।किन्तु भाजपा सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री सिर्फ टेलीविजन और विज्ञापनों की सरकार है और इस सरकार में न ही किसी टेलीविजन पर प्रसार हुआ और न ही राष्ट्रीय स्तर को प्रचार किया गया कुल मिलाकर कि मोदी सरकार और राज्य सरकार टीकाकरण को लेकर उतनी गंभीर नहीं है, जितना उसे होना चाहिए।*
*श्री मौर्य ने कहा कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने पोलियो अभियान के तहत जन जागरूकता अभियान और प्रचार प्रसार का कार्य किया साथ ही शहर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक पूरी मुस्तैदी के साथ इस पोलियो अभियान को सतत् रूप से सफल बनाया था किंतु भाजपा सरकार में पोलियो अभियान में अव्यवस्थाओं का अंबार इस बात का सबूत है कि भाजपा सरकार में विधायक, सांसद और महापौर सिर्फ सत्ता की रोटी सेकने में व्यस्त हैं इनका न ही स्वास्थ्य सुविधाओं से कोई लेनादेना है और न किसी भी प्रकार की जनसरोकार से!*



