अंबिकापुर / जुम्मे की नमाज़ के बाद मस्जिद नज़मिया, रसूलपुर (अम्बिकापुर) में कश्मीर के जांबाज़ नौजवान नज़ाकत अली का भावपूर्ण सम्मान किया गया।

ज्ञात रहे कि नज़ाकत अली ने हाल ही में पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के दौरान छत्तीसगढ़ के चार परिवारों —
अरविंद अग्रवाल परिवार, कुलदीप स्थापक परिवार, शिवांश जैन परिवार और हैप्पी वाधावन परिवार — के लगभग 11 लोगों की जान बचाकर इंसानियत की अनोखी मिसाल पेश की थी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना सगीर अहमद मिस्बाही (इमाम मस्जिद नज़मिया) ने की।
इस अवसर पर मुतवल्ली जनाब जिलानी खान, अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी, सचिव हाजी आरिफ़ खान साहब, तथा मस्जिद में मौजूद सैकड़ों नमाज़ियों और स्थानीय नागरिकों ने नज़ाकत अली का शानदार सम्मान किया गया।
सभी वक्ताओं ने कहा कि नज़ाकत अली का यह कार्य कश्मीरियत, इंसानियत और हिंदुस्तानियत की असली तस्वीर पेश करता है। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर छत्तीसगढ़ के परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालकर यह साबित किया कि मजहब से बढ़कर इंसानियत है।
कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन-चैन, भाईचारा और नज़ाकत अली की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई।
— जारीकर्ता:
मस्जिद नज़मिया प्रबंधन समिति,
रसूलपुर, अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़)



