*अंबिकापुर*: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) द्वारा छात्र-छात्राओं से संबंधित विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा के कुलसचिव को विश्वविद्यालय अध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता एवं हिमांशु जायसवाल सह आशीष जायसवाल के संयुक्त नेतृत्व में ज्ञापन सौंप विरोध प्रदर्शन किया गया।
NSUI पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर इन मांगों पर जल्द से जल्द सुधार किया जाए। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को रखा गया है:
विलंब शुल्क में कुल फीस का एक तिहाई बढ़ोतरी: विश्वविद्यालय द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के विलंब शुल्क (Late Fee) में एक-तिहाई की वृद्धि करते हुए इसे 500 रुपये निर्धारित कर दिया गया है। NSUI ने इस वृद्धि को अनुचित बताते हुए इसे तत्काल कम करने की मांग की है।
त्रुटि सुधार शुल्क का विरोध: छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी, विषय सुधार या अनुपस्थिति (Absent) जैसी त्रुटियों को सुधारने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा 120 रुपये का शुल्क लागू किया गया है जो कि पूर्व में कोई शुल्क निर्धारित नहीं था। संगठन का मानना है कि यह निर्णय छात्र हित के विरुद्ध है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।
परीक्षा फॉर्म का विश्वविद्यालय अग्रेषित शुल्क पर रोक: विश्वविद्यालय द्वारा समस्त महाविद्यालयों से प्रत्येक छात्र को परीक्षा फॉर्म जमा करने के नाम पर 120रु एक्टिविटी फीस के रूप में अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है जबकि पूर्व के वर्षों में कोई ऐसा निर्धारित नहीं था। पूर्व वर्ष में परीक्षा के सामान्य शुल्क के साथ वह संलग्न था। NSUI इसका ठोस विरोध करती है।
साथ हो विश्वविद्यालय पोर्टल(साइट) निर्माण,रेगुलर एवं प्राइवेट पीजी छात्रों के लिए वार्षिक सिलेबस, किसी भी संकाय में बैक लगे रेगुलर छात्रों की मूल अंकसूची की महाविद्यालय पहुंच आदि अन्य मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा गया।
उग्र आंदोलन की चेतावनी से
NSUI सरगुजा के नेतृत्वकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन छात्रों के अधिकार की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।



