दूषित पेयजल सप्लाई के कारण कई घरों में लोगों के जलजनित रोगों से ग्रसित होने की शिकायत के उपरांत आज आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, पूर्व महापौर डॉ0 अजय तिर्की एवं निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने आज नमनाकला के खटीक पारा एवं झंझटपारा में घर-घर जाकर स्थिति का जायजा लिया है।
लम्बे समय से दूषित जल की सप्लाई एवं साफ-सफाई के अभाव में क्षेत्र में पिलिया, टायफाईड और डायरिया की बीमारी के फैलाव की जानकारी सामने आ रही थी। क्षेत्र का दौरा करने के उपरांत श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने जानकारी दी कि लगभग प्रत्येक घर में एक या एक से अधिक सदस्य दूषित जल जनित इन बीमारियों के शिकार हैं। प्रत्येक घर से मिले इलाज से संबंधित पर्चियों से इस बात की जानकारी मिली है कि लोग पिलिया, टायफाईड और डायरिया जैसे लोगों से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने यह बताया है कि इस क्षेत्र से 2 लोगों के मौत की चर्चा सामने आने के बाद विगत दो-तीन दिनों से पेयजल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। लोगों ने कहा कि अब जो पेयजल आ रहा है। श्री सिंहदेव ने कहा कि नावापारा स्वास्थ्य केन्द्र और मेडिकल कॉलेज में जांच के अभाव में आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को अब इलाज में भी कठिनाईयां आ रही है। बीमार लोगों ने यह शिकायत दर्ज की है कि उन्हें बाहर से जांच आदि कराने में हजारो रुपय खर्च करने पड रहे हैं। निजि अस्पतालों में इलाज कराने पर काफी व्यय हो रहा है। श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र में मेडिकल शिविर लगाकर बीमार लोगों का निःशुल्क इलाज कराया जाये।

बीमार लोगों के पर्चियों के अवलोकन के उपरांत पूर्व महापौर डॉ0 अजय तिर्की ने कहा कि क्षेत्र में बीमार सभी लोगों की बीमारी जल जनित है। उन्होंने कहा कि लोगों को पिलिया, टायफाईड और डायरिया जैसी बीमारी है जो कि खराब पानी पीने के कारण होती है। उन्होंने निगम प्रशासन का सलाह दिया कि ऐसे परिस्थितियों में गलत बयानबाजी कर तथ्यों को छिपाने से बेहतर होगा कि मिलजुलकर आमजन को अच्छी सुविधा उपलब्ध कराई जाये। यही एक लोक सेवक का उत्तरदायित्व है।
निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि आमजन के द्वारा दूषित पेयजल और बीमारी की फरियाद करना महापौर को साजिश लगता है, यह दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा कि पहले नावागढ, मोमिनपुरा, पर्राडांड और अब नमनाकला क्षेत्र में दूषित पेयजल सप्लाई का तथ्य आना और इससे बीमारियों का फैलाव यह स्पष्ट करता है कि शहर के बडे हिस्से में दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। ऐसा तभी हो सकता है जबकि फिल्टर प्लांट में ही पेयजल का सही ट्रीटमेंट नहीं हो रहा हो। उन्होंने कहा कि पेयजल की खराब गुणवत्ता का वाजिब कारण क्या है इसकी जांच के लिये उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की मांग हमारे द्वारा की गई है। इस दिशा में पहल नहीं हुई तो कांग्रेस आमजन के स्वास्थ्य के हित में गंभीर आदोलन के लिये सडकों पर आयेगी। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह धंजल, आलोक सिंह, प्रमोद चौधरी, तीरथ चौधरी, चंद्रप्रकाश सिंह, अमित सिंह आदि मौजूद थे।



