* 400 KM की यात्रा से मुक्ति दिलाओ: आजाद सेवा संघ ने UPSC/CGPSC/GATE/NET परीक्षाओं के केंद्र अम्बिकापुर में स्थाई रूप से स्थापित करने पर ज़ोर दिया।*
*शैक्षणिक समानता की लड़ाई: उत्तरी छत्तीसगढ़ के छात्रों को परीक्षा केंद्रों के केंद्रीकरण से हो रहे नुकसान पर मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील।*
अम्बिकापुर, 9 दिसंबर 2025 —
उत्तरी छत्तीसगढ़ के हज़ारों प्रतियोगी छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, गैर-राजनीतिक संगठन आज़ाद सेवा संघ ने आज सरगुजा संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर को सभी उच्च-प्रोफ़ाइल (High-Stake) राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्थायी और अनिवार्य परीक्षा केंद्र बनाने की पुरज़ोर माँग की है। संघ ने अपनी माँगों का एक विस्तृत ज्ञापन छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री महोदय को सरगुजा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

*मुख्य माँग: 400 KM की यात्रा से मुक्ति दिलाओ*
आज़ाद सेवा संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि वर्तमान में, UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा, CGPSC मुख्य परीक्षा, GATE, ESE, JEE-Advanced, IBPS/SBI Mains, और UGC/CSIR NET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के केंद्र केवल राज्य के तीन शहरों—रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई—तक ही सीमित हैं। इस केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था के कारण सरगुजा संभाग के छात्रों को परीक्षा देने के लिए 400 से 500 किलोमीटर तक की लंबी और थका देने वाली यात्रा करनी पड़ती है। इस अनावश्यक यात्रा के कारण छात्रों को परिवहन, आवास, और भोजन पर भारी आर्थिक और शारीरिक बोझ उठाना पड़ता है, जिससे वे परीक्षा से पूर्व ही मानसिक थकान का शिकार हो जाते हैं और उनके वास्तविक प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ता है। संघ ने मुख्यमंत्री से इस शैक्षणिक असमानता को दूर करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
*अम्बिकापुर में परीक्षा केंद्र स्थापना का औचित्य*
अम्बिकापुर में कई प्रतिष्ठित राज्य पोषित
उच्च शिक्षा संस्थान मौजूद हैं। यहाँ आवश्यक शैक्षणिक भवनों, विशाल व्याख्यान कक्षों, और अत्याधुनिक कंप्यूटर आधारित परीक्षण (CBT) प्रयोगशालाओं सहित पर्याप्त मात्रा में भौतिक अवसंरचना (Physical Infrastructure) उपलब्ध है। यह अवसंरचना बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए मानक-आधारित परीक्षा हॉल प्रदान करने में पूर्णतः सक्षम है। प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक सुगमता: अम्बिकापुर एक संभाग मुख्यालय है। यहाँ जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, सुचारू संचालन, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक लॉजिस्टिक्स एवं निगरानी का समर्थन प्रदान करना अन्य छोटे शहरों की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी होगा।
*क्षेत्रीय विकास और शिक्षा केंद्र बनाने पर ज़ोर*
संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने इस संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “सरगुजा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से कई मायनों में पिछड़ा हुआ रहा है। अम्बिकापुर को इन बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र बनाना केवल छात्रों की सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह उत्तरी छत्तीसगढ़ को एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय ‘एजुकेशन हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है। परीक्षा केंद्र स्थापित होने से न केवल सरगुजा संभाग के ज़िलों को, बल्कि पड़ोसी राज्यों (झारखंड और उत्तर प्रदेश) के सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को भी सुविधा मिलेगी।”
*आज़ाद सेवा संघ की मुख्यमंत्री से अपील*
आज़ाद सेवा संघ ने मुख्यमंत्री महोदय से विनम्र किंतु दृढ़ अनुरोध करते हुए कहा है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस संवेदनशील विषय का संज्ञान लें। संघ ने माँग की है कि संबंधित उच्च शिक्षा और भर्ती एजेंसियों को तत्काल निर्देश दिए जाएँ, ताकि आगामी सत्र से ही अम्बिकापुर को सभी प्रमुख परीक्षाओं के लिए स्थायी केंद्र के रूप में शामिल किया जा सके। संघ ने आशा व्यक्त की है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी और उत्तरी छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं के शैक्षिक सपनों को उड़ान भरने का अवसर प्रदान करेगी।
इस दौरान आजाद सेवा संघ सरगुजा ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष चौहान विनय कुशल जायसवाल अजीत सुमन अरुण अभिषेक आदि उपस्थित रहे।



