चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना भाटापारा के निदेशक मंगल पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में सरस्वत्ती शिशु मंदिर तरेंगा में राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति को विश्व स्तर पर स्थापित करने वाले युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंद जी के जयंती के अवसर पर स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी की परियोजना प्रबंधक दशोदी सिंह द्वारा बताया गया कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों के प्रति प्रेरित करना है। विकसित भारत की परिकल्पना में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एवं युवाओं को सशक्त बनाने हेतु संस्था के द्वारा *युवा संवाद* अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। युवाओं को स्वस्थ रखने हेतु एचआईवी एड्स के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। परामर्शदाता सुलोचना देवांगन ने अपने उद्धबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे— “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।” यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि सफलता का वह मूल मंत्र है जो हर हारते हुए इंसान में नई ऊर्जा भर देता है। आउटरीच वर्कर रिंकी देवदास ने महावारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दिया । कार्यक्रम को सफल बनाने में सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुन्दर लाल यदु , शिक्षक देवकी यदु, रामेश्वरी ध्रुव, आशा तिवारी, गायत्री साहू, रेणुका देवांगन, गोविन्द यदु, परमेश्वर यदु का सराहनीय योगदान रहा।



