रायपुर / छत्तीसगढ़ : रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के संस्थापक शादाब आलम रज़वी की जानिब से जारी एक बयान में कहा गया है कि वैलेंटाइन डे मनाना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है और शरीअत की रोशनी में नाजायज़ व हराम है। उन्होंने कहा कि इस्लाम गैर-मेहरम के साथ बे-तकल्लुफ़ी से मेल-जोल, तोहफ़ों का आदान-प्रदान और इस प्रकार के आयोजनों को पसंद नहीं करता, इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे इस गैर-शरई अमल से दूर रहें।
उन्होंने अफसोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि आजकल कुछ मुसलमान भी इस दिन को बड़े पैमाने पर मनाते नज़र आ रहे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने मस्जिदों के इमामों और उलेमा-ए-कराम से अपील की कि वे जुमे के खुत्बों और मजलिसों में इस विषय पर स्पष्ट मार्गदर्शन दें और नौजवानों को इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार सही राह दिखाएँ।
शादाब आलम रज़वी ने आगे कहा कि यह चलन न केवल इस्लामी मूल्यों के विरुद्ध है, बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति में भी इसे उचित नहीं माना जाता।
उन्होंने तमाम मुसलमानों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अपनी दीन और तहज़ीबी पहचान की हिफाज़त करें और ऐसे किसी भी कार्य से दूर रहें जो उनके धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हो।



