अम्बिकापुर/यूनिसेफ छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ एलायंस फ़ॉर बिहेवियर चेंज एवं सर्वहितम के संयुक्त तत्वावधान में होटल सिग्नेचर इन में आयोजित सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार (SBCC) आधारित कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के स्टेट नोडल मनीष सिंह तोमर ने गर्भवती एवं शिशुवती माताओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण, स्वास्थ्य देखभाल एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण डोमेन पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने डोमेन तथा उससे जुड़े की बिहेवियर की अवधारणा को सरल तरीके से समझाते हुए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत चर्चा-परिचर्चा की।

इस कार्यशाला सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सामूहिक रूप से डोमेन, की-बिहेवियर, बैरियर एवं संभावित इंटरवेंशन की पहचान की और व्यवहार परिवर्तन की दिशा में ठोस रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान संस्थागत प्रसव, बच्चे के जन्म के पहले घण्टे में स्तनपान, 6 महीने से 2 साल तक बच्चों को स्तनपान एवं अन्य पोषण की जरूरत, एनीमिया के मामले सहित विभिन्न विषयों पर आंकड़ों के साथ बातचीत करते हुए इसे बेहतर करने के लिए विचार-विमर्श किया। सभी अलायंस मेंबर ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सरगुजा जिले के दो चयनित ग्राम पंचायतों में फील्ड स्तर पर कार्य करते हुए की-बिहेवियर की गहन खोज एवं उस पर हस्तक्षेप किया जाएगा।

इस मौके पर अलायंस फ़ॉर बिहेवियर चेंज के सरगुजा जोनल हेड मंगल पाण्डेय ने ग्रामीण स्तर पर समस्याओं की पहचान करना, उसके निराकरण हेतु किस तकनीक का उपयोग करें। परिवार और समाज में जागरूकता लाने हेतु विभिन्न जानकारी देते हुए सरगुजा के परिपेक्ष्य में शासन द्वारा तय योजना के साथ सामंजस्य बना कर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने का सुझाव एवं मार्गदर्शन दिया।
एलायंस मेम्बर अनिल कुमार मिश्रा में विभिन्न उदाहरणों के साथ सरगुजा के परिपेक्ष्य में फील्ड में कार्य करने के तरीके एवं हितग्राही, उसके परिवार और समुदाय के बीच अपनी बात रखने एवं कार्य करने के तरीकों पर बात की।
कार्यक्रम उपरांत एलायंस के सरगुजा कोऑर्डिनेटर अंचल ओझा ने सभी के सहयोग हेतु आभार प्रदर्शन करते हुए एलायंस के कार्य को और बेहतर तरीके से करने हेतु आग्रह किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी डॉ मीरा शुक्ला, मनोज भारती, सुरेंद्र साहू, अजय तिवारी, विजय शंकर तिवारी, सुनिधि शुक्ला, विजय किशोर उपाध्याय, अंजुलुस लकड़ा, संतोष विश्वकर्मा, सुल्ताना सिद्दीकी, हिना खान, रेवती पाण्डेय, एलिजाबेथ लकड़ा, सौरभ सिंह, शहनाज, निशा परवीन सहित विभिन्न संगठनों से सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित हुए।
कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में एसबीसी कंसल्टेंट सृष्टि चौबे एवं जिला नोडल अंचल ओझा का योगदान रहा। यह पहल समुदाय आधारित व्यवहार परिवर्तन को मजबूत करने, स्थानीय नेतृत्व को सक्षम बनाने तथा SBCC दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जल्द ही एलायंस मेम्बर द्वारा दो ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस पर कार्य शुरू किया जायेगा।



