संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। यह सेमिनार संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय में श्री गणेश स्तुति और सरस्वती पूजा से आरंभ हुआ । यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ वीतराग रिसर्च फाउंडेशन रायपुर, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस गरियाबंद, आर.एन.एस. शिक्षा महाविद्यालय महेंद्रगढ़ तथा के.बी. पटेल शिक्षा महाविद्यालय सरभोका (एम.सी.बी.) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।सेमिनार का विषय “From Soft Skill to Real Skill: Rebuilding Educational Future in the AI Era – A Multidisciplinary Perspective” रखा गया। इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेमिनार में कुल 878 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। कुल 112 शोधपत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 76 शोधपत्र प्रकाशित हुए तथा 83 शोधपत्रों का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के सभागार में प्रातः 9 बजे पंजीकरण एवं सेमिनार कीट वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. राजेंद्र लाकपाले कुलपति संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा तथा अध्यक्ष डॉ. हरमिंदर सिंह टिन्नी सभापति नगर पालिका निगम अंबिकापुर थे। विशिष्ट अतिथियों में श्री राम लखन सिंह पैंकरा प्रदेश मंत्री, जनजातीय गौरव समाज, श्री आलोक दुबे वरिष्ठ पार्षद, श्री मनीष सिंह पार्षद एवं एम.आई.सी. सदस्य, श्री मनोज गुप्ता पार्षद नमनाकला, श्री मंगल पाण्डेय निदेशक चिराग सोशल वेलफेयर सोसाइटी), सुश्री वंदना दत्ता समाजसेविका तथा श्रीमती अमृता जायसवाल गायत्री परिवार उपस्थित रहे।इसके साथ ही डॉ. दिव्या शर्मा चेयरपर्सन वीतराग रिसर्च फाउंडेशन रायपुर, डॉ. रोली तिवारी सलाहकार मंडल सदस्य, वीतराग रिसर्च फाउंडेशन एवं मनोविज्ञान विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, डॉ. राजीव गुप्ता डायरेक्टर, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस गरियाबंद, प्रो. संगीता श्रॉफ मैट्स यूनिवर्सिटी तथा श्रीमती भावना क्षत्रिय वीतराग विश्वास फाउंडेशन सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे।अतिथियों का स्वागत सरगुजा के पारंपरिक नृत्य के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण एवं स्वागत नृत्य के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंजन सिंह ने कहा कि यह महाविद्यालय परम पूज्य श्री श्री 108 संत हरकेवल दास जी महाराज के सानिध्य में संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय द्वारा आयोजित यह पहला अंतरराष्ट्रीय सेमिनार है। जिसका उद्देश्य शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देना है ।प्रथम सत्र में प्रमुख वक्ता डॉ. रोली तिवारी ने ए.आई. युग में शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के समय में सॉफ्ट स्किल को रियल स्किल में बदलना आवश्यक है। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. राजेंद्र लाकपाले ने कहा कि ए.आई. शिक्षा को सरल और आधुनिक बना सकता है, लेकिन इसका संतुलित उपयोग जरूरी है। कार्यक्रमअध्यक्ष डॉ. हरमिंदर सिंह टिन्नी ने भी ए.आई. के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।इस अवसर पर अतिथियों द्वारा शोध पत्रिका एवं पुस्तक का विमोचन किया गया। द्वितीय सत्र में तकनीकी सत्र आयोजित हुआ, जिसमें डॉ. राजीव गुप्ता ने ए.आई. आधारित शिक्षा और नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद शोधपत्र प्रस्तुतीकरण सत्र में डॉ. पूजा दुबे, श्रीमती सुमन पाण्डेय, डॉ. रानी पाण्डेय, श्रीमती चंदा सिंह,श्रीमती नीरू त्रिपाठी, श्रीमती श्वेता तिवारी तथा श्रीमती भावना क्षत्रिय ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।इस दौरान डॉ. राजेश श्रीवास्तव प्राचार्य साईं बाबा आदर्श महाविद्यालयने कहा कि ए.आई. और आईसीटी का उपयोग शिक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका उपयोग सही दिशा में होना चाहिए। कार्यक्रम को मनोरंजनात्मक बनाने हेतु प्रशिक्षार्थियों ने “झुपत-झुपत आबे दाई मोरे अंगना” गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी तथा “सरगुजा नाचे” गीत पर आकर्षक लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा।
कार्यक्रम को गति देते हुए समापन सत्र के अवसर पर मुख्य अतिथि – श्री अमोलक सिंह ढिल्लो एडिशनल एसपी सरगुजा विशिष्ट अतिथि – श्रीमती स्वेच्छा सिंह प्राचार्य ट्रेनिंग सेंटर ,
डॉक्टर एस.के . श्रीवास्तव प्राचार्य शासकीय विद्यालय लखनपुर , डॉ रश्मि चरियानी सहायक प्राध्यापक पीजी कॉलेज , श्री त्रिलोक कपूर कुशवाहा उदासीन परामर्थ आश्रम अध्यक्ष श्री विनय सिंह पूर्व शिक्षक , उपस्थित हुए ।
आज समापन सत्र- में देश-विदेश के विभिन्न विद्वानों ने हाइब्रिड मोड पर सेमिनार संबंधी बहुत ही उत्तम जानकारियां दी जिसमें प्र शिक्षार्थियों ने अनेक तरह के प्रश्न पूछ कर अपने जिज्ञासा व ज्ञान मीमांसा को शांत किया।
कार्यक्रम के समापन कड़ी में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा अतिथियों को शाल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । समस्त कार्यक्रम की सफलता में श्री त्रिलोक कपूर कुशवाहा परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष संस्था के अध्यक्ष डॉ. त्रिलोचन सिंह बाबरा, उपाध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, कोषाध्यक्ष श्री पवन शर्मा, सचिव श्री विपिन केडिया साहित प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा । अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।समस्त कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय डॉ.अंजन सिंह के मार्गदर्शन एवं समस्त सहायक प्राध्यापक डॉ. पूजा दुबे, सुमन पाण्डेय, रानी पाण्डेय, चंदा सिंह,नीरू त्रिपाठी एवं श्वेता तिवारी के निर्देशन और निरीक्षण में संपन्न हुआ । जिसमें बी.एड द्वितीय सेमेस्टर एवं चतुर्थ सेमेस्टर के प्रशिक्षार्थियों के सक्रिय भागीदारी रही।



