अंबिकापुर से एक बड़ा मामला सामने आ रहा है तीन साल से एक महिला अमृता नाग द्वारा अधिवक्ता ना होते हुवे अधिवक्ता की वेशभूषा (पोशाक) धारण कर नक़ली वकील बनकर पक्षकारों से पैसों की ठगी करने,न्यायालय में फर्जी वकालत नामा लगाकर प्रकरण में पैरवी करने के मामले में महिला के विरुद्ध थाना कोतवाली ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 204,204,318(4),335 के तहत अपराध दर्ज विवेचना में लिया गया।



अमृता नाग आ स्व इंद्र देव नाग ग्राम भुलसी तहसील कुसमी जिला बलरामपुर के द्वारा विगत तीन चार वर्ष पूर्व से न्यायालय में अधिवक्ता बनकर वकील का पोशाक धारण करके पक्षकारों से उनका केश लड़ने के नाम पर पैसा ठगी करने के लिए न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी अधिकारी महोदय अंबिकापुर एवं नायब तहसील न्यायालय दरिमा में अपने नाम का फर्जी वकालतनामा लगाकर अपना हस्ताक्षर करते हुवे बिना डर भय के न्यायालय में पैरवी करते हुवे माननीय न्यायालय को धोखा देने का कार्य किया जा रहा है उक्त संबंध थाना प्रभारी कोतवाली को शिकायत प्राप्त होने पर भारतीय न्याय सहिंता की धारा 204,205,318(4),335 के तहत अपराध पंजीबध कर विवेचना में लिया गया बताया जा रहा है महिला पूर्व से ही अपराधी किस्म की है, जिसके इस प्रकार के कृत्य से अधिवक्ता समझ को काफ़ी बदनामी का सामना करना पड रहा है।



