भाजपा का संकल्प—33% आरक्षण दिलाकर रहेंगे, कांग्रेस व गठबंधन दलों पर महिला विरोधी राजनीति का आरोप
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अंबिकापुर।
संकल्प भवन भाजपा कार्यालय अम्बिकापुर में महापौर मंजूषा भगत, प्रदेश प्रवक्ता पैनेलिस्ट संतोष दास, जिला संवाद प्रमुख रूपेश दुबे एवं महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शुभांगी बिहाडे की विशेष उपस्थिति में सरगुजा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दिव्या सिंह सिसोदिया एवं जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया ।
नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को लोकसभा में पारित नहीं होने देने को लेकर प्रेस को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस एवं इण्डी गठबंधन पर दोनों वक्ताओं ने तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे देश की महिलाओं के साथ “विश्वासघात” बताते हुए कहा कि इसका राजनीतिक परिणाम विपक्ष को भुगतना पड़ेगा।
प्रेस को संबोधित करते हुए महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि भाजपा हर बाधा को दूर कर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेस को संबोधित करते हुए दिव्या सिंह सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में लाया गया यह अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था। देशभर की महिलाओं में इसे लेकर उत्साह था, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के विरोध के कारण यह साकार नहीं हो सका।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण और क्षेत्रीय विवाद जैसे मुद्दे उठाकर विधेयक में बाधा उत्पन्न की। सिसोदिया ने कहा कि यह देश की 70 करोड़ महिलाओं का अपमान है, जिसे देश की मातृशक्ति कभी माफ नहीं करेगी।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में पंचायतों में 50% महिला आरक्षण सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की है। वर्तमान में पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 57% तक पहुँच चुकी है।
परिसीमन के मुद्दे पर दिव्या सिंह सिसोदिया ने कहा कि 1971 की जनसंख्या 54 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 140 करोड़ हो चुकी है, इसलिए जनसंख्या के अनुपात में सीटों का पुनर्निर्धारण आवश्यक है।
प्रेसवार्ता को जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने संबोधित किया । उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर देशभर में सकारात्मक माहौल था, लेकिन कांग्रेस के “नकारात्मक रवैये” के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल गिरने पर विपक्ष ने संसद में जश्न मनाया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों ने महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं, जिससे देश की महिलाओं का सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है।
अरुणा सिंह ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कराने के लिए पार्टी बूथ स्तर तक अभियान चलाएगी और विपक्ष के “महिला विरोधी चरित्र” को उजागर करेगी।
प्रेसवार्ता के दौरान एमआईसी सदस्य श्वेता गुप्ता, पार्षद किरण साहू, प्रियंका चौबे, नीलू गुप्ता, सरस्वती यादव, जातीन परमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।



