भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी सचिन मसीह ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना उन आदर्शों पर हुई, जिनकी जड़ें राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और जनसेवा में गहराई से समाहित हैं। यह केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उन पुरखों के संकल्प का विस्तार है, जिन्होंने अपने जीवन का हर क्षण भारत माता की सेवा में अर्पित कर दिया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी दृष्टिकोण, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के “एकात्म मानववाद”, अटल बिहारी वाजपेयी की उदार एवं दूरदर्शी राजनीति, और लालकृष्ण आडवाणी के संगठनात्मक कौशल ने नानाजी देशमुख सुन्दर सिंह भंडारी कृष्ण लाल शर्मा कुशा भाऊ ठाकरे इस विचारधारा को आकार और विस्तार दिया।
संघर्षों से तपकर निकली यह यात्रा आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में स्थापित है, जिसकी छाया में करोड़ों कार्यकर्ताओं की आस्था और विश्वास फल-फूल रहे हैं। यह विकास केवल संगठन का नहीं, बल्कि उस सोच का है जो “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत पर अडिग है।
आज, स्थापना दिवस के अवसर पर, यह आवश्यक है कि हम केवल स्मरण ही न करें, बल्कि उन मूल्यों को अपने आचरण में उतारें—
सेवा, समर्पण, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा।
“विचार अमर रहते हैं, जब विचार राष्ट्र से जुड़े हों, तो वे पीढ़ियों को दिशा देते हैं।”



